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Code : 181536
Date of publication : 3/5/2016 18:32
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सुप्रीम लीडर ने दोबारा फिलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन पर ज़ोर दिया।

फिलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह और उनके साथ तेहरान की यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की।


विलायत पोर्टलः फिलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह और उनके साथ तेहरान की यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की। इस मुलक़ात में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में पश्चिमी मार्चे का लक्ष्य इस्लामी मोर्चे के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर जंग के ज़रिए से क्षेत्र पर वर्चस्व जमाना है। सुप्रीम लीडर ने पहली मई को तेहरान में होने वाली मुलाक़ात में ज़ोर देकर कहा कि आज बड़े पैमाने पर इलाक़े में जो युद्ध हो रहा है वह उस युद्ध का क्रम है जो 37 साल पहले इस्लामी रिपब्लिक ईरान के ख़िलाफ़ शुरू हुआ था। सुप्रीम लीडर ने कहा कि इस युद्ध में फिलिस्तीन समस्या मुख्य समस्या है और इस्लामी रिपब्लिक ईरान जिस तरह फिलिस्तीन के समर्थन को अपना दायित्व समझता है उसी तरह भविष्य में भी इस दायित्व पर अमल करेगा। फिलिस्तीन के समर्थन में तेहरान का दृष्टिकोण बदला नहीं है और इस संबंध में सुप्रीम लीडर का ज़ोर दिया जाना ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन की कामयाबी के 37 सालो बाद एक गूढ़ बिन्दु है। इस्लामी दुनिया की मुख्य समस्या के रूप में फिलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन ईरान की विदेशनीति में सर्वोपरि है। ईरानी संविधान समस्त मानव समाज की भलाई व कल्याण को अपनी आकांक्षा समझता है और स्वाधीनता, आज़ादी और न्याय को दुनिया के सभी लोगों का अधिकार मानता है। इसी बुनियाद पर वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किए बिना विश्व साम्राज्यवादियों के मुकाबले में अत्याचारग्रस्त राष्ट्रों का समर्थन करता है। ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन की कामयाबी से वर्चस्ववादी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष का नया दौर शुरू हो गया और अत्याचारग्रस्त राष्ट्रों के अधिकारों का समर्थन ईरान की इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के संघर्ष का नारा बन गया। इस आधार पर ईरान की इस्लामी व्यवस्था सदैव और हर परिस्थिति में अत्याचारग्रस्त राष्ट्रों ख़ासकर फिलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन को अपना दायित्व समझती है और जब तक ज़रूरत होगी वह फिलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन जारी रखेगी।
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तेहरान रेडियो


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