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Code : 182737
Date of publication : 6/6/2016 16:5
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मौलाना कल्बे जवाद ने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामनेई का अपमान करने वाले न्यूज़पेपर को भेजा क़ानूनी नोटिस।

भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई का अपमान करने वाले समाचार पत्र को क़ानूनी नोटिस भेजा है।

विलायत पोर्टलः भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने ईरान की इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई का अपमान करने वाले समाचार पत्र को क़ानूनी नोटिस भेजा है। मौलाना कल्बे जवाद ने भारत के एक हिंदी समाचारपत्र को भेजे क़ानूनी नोटिस में कहा है कि अख़बार की वेबसाईट ने मुसलमानों ख़ासकर शिया समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गंभीर चोट पुहचांई है। मौलाना द्वारा भेजी गई नोटिस में कहा गया है कि न्याज़पेपर ने बिना किसी जांच के हमारे वरिष्ठ धार्मिक नेता को तानाशाहों की सूची में शामिल करके उनका अपमान किया है और एक ख़ास समुदाय की आस्था और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान में सर्वोच्य धार्मिक नेता का चयन ईरान की जनता वोट डालकर करती है, जिसको स्पष्ट बहुमत से चुना जाता है। उन्होंने कहा कि ईरान के वर्तमान सर्वोच्य धार्मिक नेता बिना किसी शक्ति और उत्पीड़न के जनता की मर्ज़ी और समर्थन से देश के विकास और ईरान की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। इमामे जुमा लखनऊ ने कहा है कि आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई एक वैश्विक स्तर के वरिष्ठ धर्मगुरू हैं, जिनका पूरी दुनिया में अनुकरण अर्थात तक़लीद की जाती है और उन्हें वलीए फक़ीह माना जाता है, इसलिए उनका अपमान पूरी दुनिया के शियों का अपमान करने जैसा है। उल्लेखनीय है कि समाचारपत्र की वेबसाईट ने लगातार विरोध ई-मेल और पत्र वार्ता के बाद अपनी वेबसाईट से आपत्तिजनक वाक्य हटा दिया था, मगर यह नोटिस इसलिए भेजा गया है कि बिना किसी जांच के और पत्रकारिता दायित्वों से अनदेखी करते हुए ऐसी ख़बरों को क्यों प्रकाशित किया गया जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती हो और शांति भगं होने का ख़तरा हो। ज्ञात रहे कि अभीतक इस पूरे मामले पर समाचारपत्र की वेबसाईट ने माफ़ी नहीं मांगी है।
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तेहरान रेडियो


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