Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 182739
Date of publication : 6/6/2016 16:32
Hit : 214

सांसदों ने की सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात।

इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय तथा आंतरिक नीतियों व संस्कृति को आगे बढ़ाने को ईरानी संसद की प्राथमिकता बताया है।


विलायत पोर्टलः इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय तथा आंतरिक नीतियों व संस्कृति को आगे बढ़ाने को ईरानी संसद की प्राथमिकता बताया है। ईरान की दसवीं संसद के सदस्यों ने संसद सभापति के साथ रविवार को सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में उन्होंने संसद के स्थान व संप्रभुता की आवश्यकता पर ख़ास ज़ोर दिया। सुप्रीम लीडर ने कहा कि संसद को चाहिए कि वह देश में शांति की भूमिका प्रशस्त करने के साथ क्रांतिकारी क़ानून बनाने की कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि संसद को चाहिए कि वह अमेरीका की शत्रुतापूर्ण नीतियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करे और साम्राज्यवादी नीतियों के सामने डट जाए। इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने कहा कि मजलिसे शूराए इस्लामी के सांसद, प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था के व्यवहारिक होने में बहुत प्रभावी हैं क्योंकि वे, सरकार की आर्थिक कार्यवाहियों को प्रतिरोध अर्थव्यवस्था के रास्ते पर ला सकते हैं और इसी तरह सरकार से इस विषय की मांग कर सकते हैं। सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान के साथ अमेरीकी कांग्रेस और सरकार के शत्रुतापूर्ण व्यवहार की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि दुश्मनों के दुस्साहस के मुक़ाबले में तैयार रहना चाहिए और उनका मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने कहा कि दुश्मन, राजनैतिक मंच पर प्रतिक्रियाओं के बुनियाद पर समीक्षाएं करते हैं और जब वे यह आभास करते हैं कि सामने वाला पक्ष पीछे हट जाएगा तो वह पीछे नहीं हटते और विस्तारवादी नीतियों पर आगे बढ़ने लगते हैं। इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने क्षेत्र में दुश्मन की योजनाओं का विवरण देते हुए ज़ोर दिया कि दुश्मन ने क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण और पश्चिमी एशिया के लिए निर्धारित योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के व्यवहारिक होने के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा को वे नाकाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि पश्चिमी एशिया में इस्लाम और मुसलमनों की उपस्थिति, बड़े-बड़े तेल स्रोत, अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग और ज़ायोनी शासन की उपस्थिति ने इस इलाक़े को दुश्मनों के लिए महत्वपूर्ण बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए उनकी योजना वही है जिसे उन्होंने कुछ सालों पहले वृहत्तर मध्यूपर्व का नाम दिया था। इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान की वजह से फ़िलिस्तीन, लेबनान, सीरिया और इराक़ सहित कई इलाक़ों में अमेरीकी योजना के व्यावहारिक नहीं हो सकी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वर्चस्ववादियों की नीतियों के मुक़ाबले में प्रतिरोध करते हुए उनकी वास्तविकता को उजागर करना चाहिए।
...............
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची