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Date of publication : 22/6/2016 4:27
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आतंकियों को अमेरीका ने दिखाई हरी झंडी।

अमेरीकी सिनेट ने संदिग्ध आतंकियों को हथियार बेचने पर रोक लगाने संबंधी प्रस्तावों को ख़ारिज कर दिया है।

विलायत पोर्टलः अमेरीकी सिनेट ने संदिग्ध आतंकियों को हथियार बेचने पर रोक लगाने संबंधी प्रस्तावों को ख़ारिज कर दिया है। हालांकि अभी हाल ही में फ़्लोरीडा के ओरलांडो शहर के नाइट क्लब पर एक आदमी की भयानक फ़ायरिंग में 50 लोग मारे जा चुके हैं। इस घटना के बाद अमेरीका में यह कोशिश शुरू हुई कि ओरलैंडो जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हथियारों की बिक्री को कंट्रोल किया जाए। लेकिन अमेरीका की शक्तिशाली हथियार लाबियों के दबाव के आगे सिनेट झुक गई जहां रिपब्लिकन पार्टी बहुमत में है। सिनेट में पेश किए चार प्रस्तावों में से एक भी पास नहीं हो सका। एक प्रस्ताव में इस बात पर ज़ोर दिया गया था कि हथियार ख़रीदने वाले का पिछला रिकार्ड जांच लिया जाए और जो लोग पुलिस की निगरानी वाली लिस्ट में हैं उन्हें हथियार बेचे जाने को स्थगित कर दिया जाए। आतंकी गतिविधियों के संबंध में जिन लोगों पर संदेह है उन्हें हथियार न बेचा जाए लेकिन यह प्रस्ताव सिनेट में पारित नहीं हो सके। सिनेटरों ने कहा कि अमेरीकी संविधान में नागरिकों की हथियारों तक स्वतंत्र पहुंच के अधिकार से यह प्रस्ताव विरोधाभास रखते हैं। इसका मतलब इन सिनेटरों का कहना है कि अमेरीका में आतंकियों को भी हथियार ख़रीदने से नहीं रोका जा सकता। हालांकि यह साफ़ हो चुका है कि उमर मतीन नाम का आदमी जिसने ओरलैंडो का हमला किया था वह पहले से एफ़बीआई की नज़र में चरमपंथी विचार वाले आदमी के रूप में आ चुका था लेकिन फिर भी उसने हथियार ख़रीदा और 11 सितम्बर 2001 के बाद अमेरीका की दूसरी सबसे बड़ी आतंकी घटना अंजाम दे दी। अमेरीकी कांग्रेस हथियारों के मामले में जो रवैया अपनाए हुए है उसे देखते हुए इस बात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि ओरलैंडो जैसी घटना कभी भी हो सकती है। टीकाकारों का मानना है कि अल्पसंख्यकों और अश्वेतों के अधिकारों और आज़ादी पर होने वाले हमलों पर चुप्पी साध लेने वाली अमेरीकी संसद हथियारों की बिक्री के मामले में नागरिक अधिकारों की बात हक़ीक़त में हथियार बनाने वाली बड़ी कंपनियों के दबाव में कर रही है। इस तरह यह संवैधानिक संस्था नागरिक आज़ादी के नाम पर हक़ीक़त में आम लोगों की जान ख़तरे में डाल रही है।
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तेहरान रेडियो


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