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Date of publication : 3/7/2016 0:55
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फ़िलिस्तीन को इस्राईल के सामने डटे रहना चाहिएः हसन नसरुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा विश्व क़ुद्स दिवस इतिहास रचने और इस्राईल को जड़ से उखाड़ फेंकने का है और इमाम ख़ुमैनी ने रमज़ान के आख़िरी शुक्रवार को इस लिए विश्व क़ुद्स दिवस का नाम दिया था ताकि फ़िलिस्तीन का मामला हमेशा ज़िदा रहे और उसे भुलाया न जा सके।


विलायत पोर्टलः लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा है कि विश्व क़ुद्स दिवस के ऐलान का लक्ष्य बैतुल मुक़द्दस की याद को बाक़ी रखना और उसके संबंध में मुसलमानों की प्रतिबद्धता को याद दिलाते रहना है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने शुक्रवार की शाम विश्व क़ुद्स दिवस के उपलक्ष्य में अपने एक बयान में कहा कि यह दिन इतिहास रचने और इस्राईल को जड़ से उखाड़ फेंकने का है और इमाम ख़ुमैनी ने रमज़ान के आख़िरी शुक्रवार को इस लिए विश्व क़ुद्स दिवस का नाम दिया था ताकि फ़िलिस्तीन का मामला हमेशा ज़िदा रहे और उसे भुलाया न जा सके। लेबनान के अलमनार टीवी से प्रसारित होने वाले अपने बयान में उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन, भूमध्य सागर से लेकर जॉर्डन नदी तक अतिग्रहित भूमि है और समय बीतने से अतिग्रहणकारी व चोर ज़ायोनी शासन को कोई वैधता नहीं मिलेगी। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा कि अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन को ख़त्म होना चाहिए, इस ज़मीन के वास्तविक स्वामियों अर्थात फ़िलिस्तीनियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और एक व्यक्ति को भी इस शासन के सामने घुटने नहीं टेकना चाहिए। सैयद हसन नसरुल्लाह ने ज़ायोनी शासन के साथ हर तरह की सांठ गांठ का विरोध करते हुए कहा कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र और क्षेत्रीय राष्ट्रों के सामने एकमात्र रास्ता यह है कि वे इस्राईल के समक्ष प्रतिरोध करें। उन्होंने इलाक़े के कुछ देशों की आलोचना करते हुए कहा कि इन देशों ने अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन को औपचारिक रूप से क़बूल कर लिया है बल्कि कुछ तो इस शासन के पक्ष में प्रतिरोध के विरोधी हो गए हैं। हसन नसरुल्लाह ने कहा कि इस्राईल को किसी भी रूप में क़बूल करना ज़ाएज़ नहीं है।
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तेहरान रेडियो


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