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Code : 183213
Date of publication : 21/8/2016 19:10
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हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई की सादा ज़िंदगी

बस कूपन से मिलने वाले गोश्त का इस्तेमाल।

आज भी आपकी ज़िंदगी और रहन सहन वैसा ही जैसा ग़रीब और आम लोगों का होता है, सबसे बड़ी पोस्ट और सबसे ज़्यादा सादा ज़िंदगी, जिसे इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाने की ज़रूरत है..............



विलायत पोर्टलः हज़रत आयतुल्लाह मिस्बाह यज़्दी फ़रमाते हैं कि जब हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ईरान के राष्ट्रपति थे तो उनके घर पर गोश्त केवल बटने वाले कूपन से ही ख़रीदा जाता था। उन्होंने उस समय मुझसे कहा था कि मैंने अब तक उस गोश्त के अलावा जो कूपन द्वारा सभी लोगों को बटता है कभी अलग से गोश्त नहीं खरीदा है!!! आपके घर में ईंधन भी उसी कूपन से आता था जो आम लोग लेते थे। और अगर कभी कूपन के अलावा उनके घर में गोश्त बनता भी था तो किसी मोमिन का दिया हुआ तोहफ़ा होता था लेकिन आपने कभी भी अपने और अपने बाल बच्चों के लिए बाज़ार से गोश्त नहीं ख़रीदा।
और आज भी आपकी ज़िंदगी और रहन सहन वैसा ही जैसा ग़रीब और आम लोगों का होता है, सबसे बड़ी पोस्ट और सबसे ज़्यादा सादा ज़िंदगी, जिसे इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाने की ज़रूरत है।
(सच में ऐसे होते हैं अली अ. के सच्चे ग़ुलाम।)  



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