Thursday - 2018 July 19
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 183234
Date of publication : 26/8/2016 22:12
Hit : 433

ऑले ख़लीफा सरकार ने बहरैनी शियों को एक बार फिर नमाज़े जुमा से वंचित कर दिया।

बहरैनी सरकार के गुर्गों ने लगातार छठे सप्ताह अलदराज़ की प्रमुख मस्जिद इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम में शिया मुसलमानों को जुमे की नमाज़ अदा नहीं करने दी। आले ख़लीफा सरकार के इस क्रूर कदम के खिलाफ बहरैनी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया है........................यय



विलायत पोर्टलः बहरैनी सरकार के गुर्गों ने लगातार छठे सप्ताह अलदराज़ की प्रमुख मस्जिद इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम में शिया मुसलमानों को जुमे की नमाज़ अदा नहीं करने दी। आले ख़लीफा सरकार के इस क्रूर कदम के खिलाफ बहरैनी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया है। बहरैनी जनता पर ऑले ख़लीफा सरकार की क्रूर कार्यवाहियों का सिलसिला एक ऐसे समय से जारी है जब संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में आले खलीफा सरकार से कहा है कि वह बहरैनी नागरिकों के खिलाफ अपने अत्याचार बंद कर दे और जेलों में बंद राजनीतिक कैदियों को यातनाएं देने से बाज़ आ जाए। आले ख़लीफ़ा सरकार ने पिछले तीस जून को बहरैन के बहुसंख्यक शिया मुसलमानों के धार्मिक नेता आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम की नागरिकता रद्द कर दी जिसके बाद से बहरैनी लोगों की एक बड़ी संख्या, उनसे एकजुटता और आले खलीफा सरकार की नीतियों के विरोध में अलदराज़ में उनके घर के बाहर धरने पर बैठी हुई है। बहरैनी जनता फरवरी 2011 से अपने देश में लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।

अबना


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :