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Date of publication : 26/8/2016 23:29
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ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव की भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाक़ात।

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में पिछले वर्षों के दौरान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की समर्थन में भारत के रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण देशों के रूप में ईरान और भारत की मजबूत पोज़ीशन और दोनों देशों.................



विलायत पोर्टलः ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में पिछले वर्षों के दौरान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की समर्थन में भारत के रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण देशों के रूप में ईरान और भारत की मजबूत पोज़ीशन और दोनों देशों के रचनात्मक व्यवहार ने आपसी सहयोग को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए अत्याधिक अवसर प्रदान किए हैं।
उन्होंने क्षेत्र के कुछ देशों की ग़लत नीतियों की निंदा करते हुए, जो चरमपंथी विचारधारा का समर्थन करके व्यवाहारिक रूप से आईएस के कारखाने में तब्दील हो चुके हैं, कहा कि ईरान और भारत के बीच सांस्कृतिक सहयोग भारत के मुसलमान समाज में चरमपंथी समूहों के प्रभाव और उनकी गतिविधियों को रोक सकता है। ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने भारतीय प्रधानमंत्री के ईरान दोरे में चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर-दक्षिण कोरीडोर के सक्रिय हो जाने और इस परियोजना को व्यवहारिक रूप देने में चाबहार बंदरगाह के मुख्य रोल से इस कोरीडोर में शामिल सभी देशों को भारी आर्थिक लाभ होगा।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि ईरान और भारत की विचारधारा और स्टैंड, मानवता का समर्थन और उसकी रक्षा करना है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज मानवता को जिस चीज से ख़तरा है वह आतंकवाद और उग्रवाद है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्लाम को दया और कृपा का धर्म बताया और कहा कि पिछले चौदह सौ वर्षों में कोई भी शक्ति इस्लाम को इतना नुकसान नहीं पहुंचा सकी कि जितना चरमपंथी आतंकवादियों ने पहुंचाया है।

अबना


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