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Code : 184167
Date of publication : 14/11/2016 21:47
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संयुक्त अरब इमारात ने फार्स की खाड़ी में ईरान के तीन द्वीपों को बताया अपना।

फार्स की खाड़ी में स्थित ईरान के तीन द्वीपों को संयुक्त अरब इमारात का बताया गया है।

विलायत पोर्टलः फार्स की खाड़ी में स्थित ईरान के तीन द्वीपों को संयुक्त अरब इमारात का बताया गया है। सऊदी अरब से जुड़े राजनीतिक हल्कों ने ईरान पर दबाव में वृद्धि के लक्ष्य से कई दिनों से राजनीतिक गतिविधियों का नया दौर आरंभ कर दिया है। सऊदी अरब से जुड़े हल्कों ने फार्स की खाड़ी में स्थित ईरान के तीन द्वीपों के स्वामित्व और क्षेत्रीय देशों के आंतरिक मामलों में ईरान के हस्तक्षेप के घिसे-पिटे दावों की पुनरावृत्ति की। सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और फार्स खाड़ी की सहकारिता परिषद के दूसरे सदस्य देशों ने मोरक्को, सूडान, जार्डन और यमन के साथ मिलकर 12 नवंबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा में एक पत्र प्रकाशित किया जिसमें ईरान पर विस्तार वादी नीति अपनाने और क्षेत्र में तनाव उत्पन्न करने का आरोप लगाया। इस पत्र में ईरान पर आतंकवाद का समर्थन करने का भी दावा किया गया है। इसी प्रकार इस पत्र में फार्स की खाड़ी में स्थित ईरान के तीन द्वीपों को संयुक्त अरब इमारात का बताया गया है। यह पत्र वास्तव में वास्तविकताओं से भागने और क्षेत्र में अपने लक्ष्यों को साधने में सऊदी अरब तथा इस देश से जुड़े दूसरे अरब शासकों की विफलता का सूचक है। सऊदी अरब इस समय यमन के दलदल और उस युद्ध में फंस गया है जिसे उसने स्वयं आरंभ किया है। सऊदी अरब ने बहरैन में जो सैनिक हस्तक्षेप किया है उसका भी परिणाम बहरैन और सऊदी अरब के लिए अपमान और मानवाधिकारों के हनन के अलावा कुछ और नहीं है। इन देशों के विचार में इस समय जो चीज़ केवल वास्तविकताओं से आम जनमत का ध्यान हटा सकती है वह ईरानोफोबिया है। फार्स की खाड़ी के इतिहास को परिवर्तित करना और ईरानी संप्रभुता के बारे में निराधार दावों की पुनरावृत्ति को भी इस राजनीतिक खेल में शामिल कर लिया गया है। प्रतीत यह हो रहा है कि इस प्रकार की बातों की पुनरावृत्ति पूरे क्षेत्र को संकट में ढ़केलने के लिए सऊदी अरब की अगुवाई में की जा रही है जबकि तनाव में वृद्धि और क्षेत्र को संकटग्रस्त बनाने से ईरान को कोई लाभ नहीं होगा परंतु सऊदी अरब आतंकवादियों का समर्थन करके अपने राजनीतिक लक्ष्यों को साधने की चेष्टा में है और सऊदी अरब के अधिकारी क्षेत्र को और अधिक तनावग्रस्त बनाकर अपनी भड़काऊ कार्यवाहियों पर पर्दा डालने की चेष्टा में हैं और उन्होंने जो कुछ किया है उसके लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने की जुगत में हैं।
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तेहरान रेडियो


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