Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 184196
Date of publication : 16/11/2016 17:3
Hit : 327

अमेरीका वही अमेरीका है, इसके चुनाव का नतीजा हमारे लिए कोई महत्व नहीं रखताः सुप्रीम लीडर

इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने अमेरीका में संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के परिणाम की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा इस चुनाव के बारे में कोई दृष्टिकोण नहीं है।
विलायत पोर्टलः इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने अमेरीका में संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के परिणाम की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा इस चुनाव के बारे में कोई दृष्टिकोण नहीं है। सुप्रीम लीडर ने कहा कि अमेरीका वही अमेरीका है जिसने ईरानी राष्ट्र को पिछले 37 साल के दौरान कोई भलाई नहीं पहुंचाई, हालांकि इस दौरान डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों दलों, की सरकारें थीं। इस्फ़हान के हज़ारों लोगों ने बुधवार की सुबह तेहरान में सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की। इस अवसर पर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने ज़ोर दिया कि दुनिया में उन लोगों के विपरीत कि जिनमें से कुछ अमेरीका के राष्ट्रपति पद के चुनावी नतीजे से दुखी और कुछ ख़ुश हैं, हम न तो दुखी हैं और न ही ख़ुश। सुप्रीम लीडर ने कहा कि हमें इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और न ही किसी प्रकार की चिंता है। सुप्रीम लीडर ने कहा कि ईश्वर की कृपा से हर प्रकार की घटना का सामना करने के लिए भी हम तैयार हैं। उन्होंने अमेरीका में राष्ट्रपति पद के चुनावी अभियान के दौरान अमेरीकी समाज की अंदर समस्याओं के बारे में हुई चर्चा की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अमेरीका में राष्ट्रपति के रूप में चुने गए हैं उन्होंने चुनावी प्रतिस्पर्धा के दौरान कहा था कि जो पैसे हमने पिछले कुछ साल के दौरान जंग पर ख़र्च किए, अगर उन पैसों को अमेरीका के अंदर उपयोग किया जाता तो इस देश का दो बार निर्माण हो सकता था, क्या वे लोग जिन्हें यह ख़्याली बातें अच्छी लगीं, इसका अर्थ समझते हैं? आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने अमेरीका में राष्ट्रपति पद की चुनावी प्रतिस्पर्धा के दौरान इस देश में मौजूद ग़रीबी और व्यापक समस्याओं पर हुई चर्चा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमेरीका ने हालिया वर्षो में इस देश की जनता के पैसों को युद्धों में लुटाया जिसके नतीजे में अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, लीबिया, यमन और सीरिया में हज़ारों आम लोगों का जनसंहार हुआ और इन देशों के मूल ढांचे तबाह हो गए। सुप्रीम लीडर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरीका में चुनावी प्रतिस्पर्धा के दौरान जिन वास्तविक बातों पर चर्चा हुयी, ये विषय हालिया वर्षों में बार-बार उठे लेकिन कुछ लोग इसे स्वीकार करना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि पहचान का अर्थ यह है कि आपको यह समझ होनी चाहिए कि आपका किससे मुक़ाबला है और वह आपके बारे में क्या सोचता है, अगर आप अपनी आंख बंद कर लेंगे तो निःसन्देह नुक़सान उठाएंगे। इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जबतक राजनैतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक मज़बूती रहेगी और देश के वरिष्ठ अधिकारी व बुद्धिजीवी मानसिक दृष्टि से मज़बूत रहेंगे, देश को कोई ख़तरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र की युवा पीढ़ी को ख़ास तौर पर क्रान्तिकारी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि देश का मुख्य मुद्दा कुछ बहस, हंगामे और इधर-उधर के विषय नहीं हैं, बल्कि क्रान्तिकारी भावना की रक्षा और इसी भावना के साथ बढ़ना मुख्य मुद्दा है।
....................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना के लिए ईरान का किरदार बहुत महत्वपूर्ण । वालेदैन के हक़ में दुआ हिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध की आग भड़काने पर तुला इस्राईल, मोसाद और ज़ायोनी सेना आमने सामने इराक की दो टूक, किसी भी देश के ख़िलाफ़ देश की धरती का प्रयोग नहीं होने देंगे फ़्रांस के दो लाख यहूदी नागरिकों को स्वीकार करेगा अवैध राष्ट्र इस्राईल इस्राईल का चप्पा चप्पा हमारी की मिसाइलों के निशाने पर : हिज़्बुल्लाह जौलान हाइट्स से लेकर अल जलील तक इस्राईल का काल बन गई है नौजबा मूवमेंट । हम न होते तो फ़ारसी बोलते आले सऊद, अमेरिका के बिना सऊदी अरब कुछ नहीं : लिंडसे ग्राहम आले सऊद की बेशर्मी, लापता हाजी सऊदी जेलों में मौजूद ट्रम्प पर मंडला रहा है महाभियोग और जेल जाने का ख़तरा । जॉर्डन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने दमिश्क़ से राजनयिक संबंध बहाल करने की इच्छा जताई क़ुर्आन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब ट्रम्प को फ्रांस की नसीहत, हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे अमेरिका । तुर्की अरब जगत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा : अब्दुल ख़ालिक़ अब्दुल्लाह आतंकवाद से संघर्ष का दावा करने वाला अमेरिका शरणार्थियों पर हमले बंद करे : मलाला युसुफ़ज़ई