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Code : 184202
Date of publication : 16/11/2016 18:1
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परमाणु समझौते पर अमल करना यूरोपीय संघ का दायित्व है।

यूरोपीय संघ ने एक विज्ञप्ति जारी करके एक बार फिर परमाणु समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन के प्रति अपनी कटिबद्धता की घोषणा की है।

विलायत पोर्टलः यूरोपीय संघ ने एक विज्ञप्ति जारी करके एक बार फिर परमाणु समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन के प्रति अपनी कटिबद्धता की घोषणा की है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त फेड्रिका मोगरीनी ने यूरोपीय संघ के विदेशमंत्रियों की बैठक की समाप्ति पर इस समझौते की वकालत की और कहा कि परमाणु समझौते का बाकी रहना और उसका क्रियान्यन यूरोपीय संघ की प्राथमिकता है। फेड्रिका मोगरीनी ने इसी प्रकार परमाणु समझौते को ऐसा समझौता बताया जिसकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने की है। उन्होंने बल देकर कहा कि इस समझौते के क्रियान्वयन का समर्थन राष्ट्रसंघ का दायित्व है। 14 नवंबर को जारी होने वाली यूरोपीय संघ की विज्ञप्ति इस बात की सूचक है कि यूरोप ईरान के साथ संबंधों व सहकारिता में विस्तार का पक्का इरादा रखता है। इस समय ईरान और यूरोपीय संघ के बीच राजनीति वार्ता का नया दौर आरंभ हो चुका है परंतु ईरान ने इस वार्ता में मानवाधिकार और मिसाइल के विषयों को भी शामिल कर दिया है। साथ ही ईरान ने परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के प्रति यूरोपीय संघ की कटिबद्धता का स्वागत किया है और उसका मानना है कि दोनों पक्षों के मध्य राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों को सहकारिता विस्तृत करने के लिए भूमि प्रशस्त है। इसी संबंध में यूरोपीय परिषद अपनी सहकारिता को विस्तृत रूप देने के लिए ईरान में अपना कार्यालय खोले जाने की इच्छुक है और वह इसका समर्थन कर रही है परंतु ईरान का कहना है कि अभी इसमें समय लगेगा और इसके लिए अभी समय निर्धारित नहीं किया जा सकता। यूरोपीय संघ ने परमाणु समझौते के बारे में विज्ञप्ति जारी करके एक प्रकार से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने और अमेरिकी हितों की सीमा स्पष्ट कर दी है परंतु यूरोप की इस घोषणा पर किस सीमा तक अमल किया जायेगा यह यूरोपीय संघ के अगले फैसले पर निर्भर है। बहरहाल ईरान के साथ संबंधों व सहकारिता को विस्तृत करने के लिए जो वार्तायें की जा रही हैं उनका ईरान ने स्वागत किया है। यूरोपीय संघ का मानना है कि क्षेत्रीय परिवर्तनों में ईरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस आधार पर जैसाकि यूरोपीय संघ की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है यह संघ अपने दृष्टिकोणों को संतुलित करके क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में प्रयास कर सकता है और उन कार्यवाहियों से भी परहेज़ कर सकता है जिनसे हिंसा, सांप्रदायिकता और फूट डालने को हवा मिलती है। इस स्थिति में ईरान और यूरोपीय संघ के मध्य अच्छे संबंधों की कामना की जा सकती है।
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तेहरान रेडियो


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