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Code : 184208
Date of publication : 16/11/2016 18:38
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इस्राईली राष्ट्रपति के भारत आने से देश की छवि दागदार हुई: शिया उलेमा

शिया धर्म गुरुओं ने नाइजीरिया में शियों के नरसंहार, कर्बला में हो रहे आतंकवादी हमलों और पाकिस्तान में दरगाह शाह नूरानी पर हुए हमले की निंदा की।
विलायत पोर्टलः शिया धर्म गुरुओं ने नाइजीरिया में शियों के नरसंहार, कर्बला में हो रहे आतंकवादी हमलों और पाकिस्तान में दरगाह शाह नूरानी पर हुए हमले की निंदा की। दुनिया भर में शियों की हो रही टारगेट किलिंग, इमाम बाड़ों व मस्जिदों पर हो रहे आतंकवादी हमलों और भारत में इस्राईली राष्ट्रपति यूवेन रोलन के आगमन के खिलाफ़ आज मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी के घर पर उलेमा की एक बैठक आयोजित हुई। जलसे में मजलिसे उलेमाये हिन्द के महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि नाइजीरिया में सऊदी अरब की आर्थिक मदद से शियों पर जो अत्याचार हो रहा वह निंदनीय है,नाईजीरिया में शियों का नरसंहार जारी है और उलेमा पर भी अत्याचार किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठन मूकदर्शक बने हुएं हैं, यह निंदनीय है। मौलाना ने कहा कि अब तक आयतुल्लाह ज़कज़ाकी को रिहा नहीं किया गया है और अन्य शिया उलेमा का भी उत्पीड़न जारी है, अफ़सोस है कि नाइजीरिया में मानवता के नरसंहार पर दुनिया चुप है। मौलाना ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में शियों और अहलेबैत अ.स. से मुहब्बत करने वाले मुसलमानों को आतंकवाद का निशाना बनाया जा रहा, कर्बला में ज़ायरों, अकीदतमंदों और पवित्र इमारतों को आतंकवादी निशाना बना रहे हैं,पाकिस्तान में मजलिसों पर हमले हो रहे हैं ,सुफियों की दरगाह शाह नूरानी पर आईएस के आतंकवादी हमले में दर्जनों लोगें मारे गए हैं लेकिन पाकिस्तानी सरकार आतंकवाद की समाप्ति के लिए ठौस कदम नहीं उठा रही है यही वजह है कि अब पाकिस्तान में शियों के साथ साथ आम मुसलमानों को भी मारा जा रहा है। मौलाना ने भारत में इस्राईली राष्ट्रपति के आगमन का विरोध किया और कहा कि हमारे देश मंल इस्राईली राष्ट्रपति के आने से देश की मानवता दोस्त छवि, दागदार हुई है। बैठक में मौजूद सभी धर्म गुरुओं ने नाइजीरिया में सऊदी अरब की आर्थिक सहायता से शियों के हो रहे नरसंहार, कर्बला और पाकिस्तान में शियों पर हो रहे लगातार हमलों और पाकिस्तान में सूफी शाह नूरानी दरगाह पर हुए आईएस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उलेमा ने कहा पाकिस्तान की नवाज़ सरकार आतंकवाद से मुकाबले में पूरी तरह विफल रही है। यही कारण है कि आईएस जैसे आतंकवादी संगठन लगातार मुसलमानों, खास कर शियों की हत्या कर रही है । दरगाह शाह नूरानी पर हुए आतंकवादी हमले के सभी उलेमा ने कड़े शब्दों में निंदा की। जलसे में इस्राईली के राष्ट्रपति के भारत दौरे की भी कड़ी निंदा की गई। उलेमा ने कहा कि हमारा देश पूरी दुनिया में शांति और मजलूमों के समर्थन के आधार पर अपनी अनूठी पहचान रखता है, इसलिए ऐसे देश से संबंध रखना जो फिलिस्तीनियों के मजलूमों का हत्यारा है हमारे देश की अमन पसंद छवि को दागदार करता है। सभा में मौलाना मोहम्मद मियां आब्दी, मौलाना रजा हुसैन, मौलाना तसनीम मेहदी, मौलाना इफ्तेखार हुसैन इन्किलाबी, मौलाना इब्ने अली वाइज, मौलाना इस्तेफ़ा रज़ा, मौलाना सिराज हुसैन, मौलाना असीफ हुसैन, मौलाना अक़ील अब्बास, मौलाना शबरेज़, मौलाना मोहम्मद हुसैन, मौलाना नज़र हुसैन, मौलाना निसार अहमद ज़ैनपुरी, मौलाना मूसी रज़ा, मौलाना एहतेशाम हसन, मौलाना ज़व्वार हुसैन, मौलाना फिरोज़ हुसैन, मौलाना शबाहत हुसैन, मौलाना हसन जाफ़र, मौलाना सरताज हुसैन, मौलाना शहनवाज हुसैन, मौलाना मो इसहाक़, मौलाना मंज़र शफ़ीई, मौलाना हैदर अब्बास रिज़वी, मौलाना रज़ा इमाम, मौलाना कमरूल हसन, मौलाना सरकार हुसैन व अन्य उलमा ने भाग लिया।
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तेहरान रेडियो


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