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Code : 184221
Date of publication : 17/11/2016 16:55
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सऊदी इस लायक नहीं है कि वह सीरिया में मानवाधिकार के बारे में कुछ कहेः बश्शार जाफ़री

सीरिया के ख़िलाफ़ होने वाली गतिविधियों को आतंकवादियों के मुकाबले में सीरिया को मिलने वाली सफ़लताओं के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये।
विलायत पोर्टलः सीरिया के ख़िलाफ़ होने वाली गतिविधियों को आतंकवादियों के मुकाबले में सीरिया को मिलने वाली सफ़लताओं के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। संयुक्त राष्ट्रसंघ में सीरिया के राजदूत ने कहा है है कि सऊदी अरब इस लायक नहीं है कि वह सीरिया में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में कुछ कह सके। बश्शार जाफरी ने 15 नवंबर को स्पष्ट किया कि सीरिया में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में मसौदा पेश करने में सऊदी प्रतिनिधिमंडल की कार्यवाही विरोधाभासी और विचित्र है। संयुक्त राष्ट्रसंघ में सीरिया के राजदूत ने बल देकर कहा कि सऊदी अरब अंतिम पक्ष है जिसे राष्ट्रसंघ के ट्रिब्यून से मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में बोलना चाहिये। क्योंकि स्वयं अपने नागरिकों और दूसरे देशों के नागरिकों के अधिकारों के हनन के बारे में सऊदी अरब का कर्मपत्र काला है। सीरिया में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में कुछ पश्चिमी और अरब देशों की ओर से एक प्रस्ताव पेश किया गया था जिसके पक्ष में 15 नवंबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद ने मत दिया। सीरिया विरोधी होने वाली गतिविधियों में वृद्धि को आतंकवादियों के मुकाबले में सीरिया को मिलने वाली सफलताओं के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आतंकवादियों के समर्थक पश्चिमी और क्षेत्र के कुछ अरब देश, विशेषकर सऊदी अरब उनकी पराजय से चिंतित हैं। आतंकवादियों के समर्थक विभिन्न मार्गों व शैलियों द्वारा सीरियाई सरकार पर दबाव डालने की चेष्टा में हैं ताकि सीरिया के परिवर्तनों को आतंकवादियों के हित में परिवर्तित कर सकें और मानवाधिकार की रक्षा नाम पर आम जनता को धोखा सकें जबकि आतंकवादियों के समर्थक यानी कुछ पश्चिमी और अरब देश सीरियाई सरकार पर आरोप मढ़कर उनके अपराधों से आम जनमत का ध्यान भटकाने की चेष्टा में हैं। इसी तरह आतंकवादी गुटों और उनके समर्थकों के खिलाफ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो घृणा पाई जाती है उससे भी वे विश्व के जनमत का ध्यान हटाने की चेष्टा में हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आतंकवादियों के समर्थक आतंकवादियों को सामूहिक विनाश के हथियारों से लैस करके आतंकवादियों की पूर्ण पराजय रोकने के साथ भय व आतंकवाद उत्पन्न करने के प्रयास में हैं ताकि सीरियाई सरकार और जनता को आतंकवादियों के मुकाबले में प्रतिरोध करने से रोक सकें। इस मध्य ध्यान योग्य बिन्दु राजनीति से प्रेरित राष्ट्रसंघ के क्रिया- कलाप हैं और संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद के कुछ सदस्य, जो स्वयं मानवाधिकार के हननकर्ता हैं, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाली सरकारों के हथकंडे बन गये हैं। संयुक्त राष्ट्रसंघ की मानवाधिकार परिषद में सऊदी अरब के क्रिया- कलापों को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।
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तेहरान रेडियो


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