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Code : 184228
Date of publication : 17/11/2016 18:20
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मुसलमान अपनी जान बचाने के लिए बांग्लादेश जाने पर मजबूरः मयांमार

म्यांमार में सेना की तरफ़ से दमन के बाद सैकड़ों मुसलमान अपनी जान बचाने के लिए बांग्लादेश जाने पर मजबूर हुए हैं।
विलायत पोर्टलः म्यांमार में सेना की तरफ़ से दमन के बाद सैकड़ों मुसलमान अपनी जान बचाने के लिए बांग्लादेश जाने पर मजबूर हुए हैं। इर्ना के अनुसार, बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि म्यांमार में सैनिकों के हमलों के बाद, अक्तूबर से अबतक 500 रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश पहुंचे हैं। बांग्लादेश सीमा सुरक्षा पुलिस ने बुधवार को अनेक रोहिंग्या मुसलमानों को इस देश में दाख़िल होने से रोक दिया। लंदन स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, हालिया दिनों में म्यांमार सैनिकों के हाथों रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या, उनकी महिलाओं के साथ बलात्कार और उनके घरों को आग लगाए जाने के कारण, म्यांमार के हालात के बारे में क्षेत्रीय देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की चिंता बढ़ गयी है। म्यांमार में 11 लाख मुसलमान हैं और इनमें ज़्यादातर पश्चिमी राज्य राख़ीन में रहते हैं। राख़ीन राज्य में ही हिंसा की ताज़ा लहर उठी है। म्यांमार में सैनिकों के ताज़ा हमले में कम से कम 28 रोहिंग्या मुसलमान हताहत हुए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शनिवार से अबतक कम से कम 150 रोहिंग्या मुसलमान मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, दुनिया में सबसे पीड़ित अल्पसंख्यकों में रोहिंग्या मुसलमान भी हैं। रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार की कुल आबादी का 4 प्रतिशत हैं।
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तेहरान रेडियो


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