Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 184304
Date of publication : 23/11/2016 17:3
Hit : 249

ईरान और अफ्रीक़ी यूनियन, शांति सुरक्षा और आंतकवाद के ख़िलाफ़ एक दूसरे का सहयोग करेंगे।

अफ़्रीकी यूनियन की शांति व सुरक्षा आयोग के कमिश्नर ने तेहरान में ईरान के विदेशमंत्री के सहायक से मुलाक़ात की है।
विलायत पोर्टलः अफ़्रीकी यूनियन की शांति व सुरक्षा आयोग के कमिश्नर ने तेहरान में ईरान के विदेशमंत्री के सहायक से मुलाक़ात की है। इस्माईल शरक़ी ने 21 नवंबर को अरब व अफ्रीकी देशों के मामलों में विदेशमंत्री के सहायक व सलाहकार हुसैन जाबिरी अंसारी से भेंट की जिसमें उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप के संकटों के समाधान के दिशा में इस संघ की ओर से की जाने वाली कार्यवाहियों के बारे में एक रिपोर्ट पेश की। इस्माईल शरक़ी ने शांति, सुरक्षा और विकास को अफ्रीक़ी यूनियन के तीन मुख्य लक्ष्य बताये और ईरान के महत्व और उसके पास मौजूद संभावनाओं की तरफ़ इशारा किया और शांति व सुरक्षा स्थापित करने और आतंकवाद से मुकाबले में संयुक्त मार्ग अपनाये जाने के बारे में ईरान की सहकारिता की इच्छा जताई। इस बात- चीत में दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किये जिसके अनुसार इस्लामी रिपब्लिक ईरान और अफ्रीक़ी यूनियन शांति व सुरक्षा और इनसे जुड़े विभिन्न मामलों में एक दूसरे से सहयोग करेंगे। अफ्रीकी महाद्वीप में निर्धनता, निरक्षरता और साम्राज्यवाद राजनीतिक ढांचे की कमजोरी का कारण बनी है और इसी प्रकार वह अफ्रीक़ा महाद्वीप में आतंकवाद और अतिवाद के अस्तित्व में आने का कारण बनी है। हालिया सालों में इस संबंध में अफ्रीकी यूनियन ने कार्य करने की कोशिश की है और इन चुनौतियों की अनदेखी करने के बजाये उसने इनका मुकाबला करने का फैसला किया है। इस आधार पर अफ्रीकी यूनियन सहकारिता में वृद्धि का इच्छुक है। अलबत्ता इस दिशा में कार्य कठिन है। सैनिक व सुरक्षा की दृष्टि से अफ्रीका को अशांत व युद्धग्रस्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। अफ्रीका में अस्थिरता इस बात का कारण बनी है कि इस महाद्वीप के देश संकटों के मुकाबले में वास्तविक भूमिका न निभा सकें। बहरहाल ईरान की विदेशनीति में अफ्रीका का विशेष महत्व है और ईरान अफ्रीकी देशों के साथ परस्पर संबंधों को मज़बूत करके सहकारिता को स्ट्रैटेजिक बना सकता है। अफ्रीकी यूनियन की बैठक में पर्यवेक्षक देश के रूप में ईरान की उपस्थिति दोनों पक्षों के संबंधों में नया अध्याय हो सकती है। ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने पिछले महीने तेहरान में दक्षिण अफ्रीक़ा के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा से मुलाक़ात में आतंकवाद से मुकाबले की आवश्यकता पर बल दिया और साफ़ किया था कि क्षेत्र में टिकाऊ शांति के लिए समस्त देशों के बीच सहकारिता बहुत ज़रूरी है।
....................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

नोबेल विजेता की मांग, यमन युद्ध का हर्जाना दें सऊदी अरब और अमीरात । फ़िलिस्तीन का संकट लेबनान का संकट है , क़ुद्स का यहूदीकरण नहीं होने देंगे : मिशेल औन महत्त्वहीन हो चुका है खाड़ी सहयोग परिषद, पुनर्गठन एकमात्र उपाय : क़तर एयरपोर्ट के बदले एयरपोर्ट, दमिश्क़ पर हमला हुआ तो तल अवीव की ख़ैर नहीं ! तुर्की को SDF की कड़ी चेतावनी, कुर्द बलों को निशाना बनाया तो पलटवार के लिए रहे तैयार । दमिश्क़, राष्ट्रपति बश्शार असद ने दी 16500 लोगों को आम माफ़ी । यमन का ऐलान, वारिस कहें तो हम ख़ाशुक़जी के शव लेने की प्रक्रिया शुरू करें । प्योंगयांग और सिओल मिलकर करेंगे 2032 ओलंपिक की मेज़बानी ईरान अमेरिका के आगे नहीं झुकेगा, अन्य देशों को भी प्रतिबंधों के सामने डटने का हुनर सिखाएंगे । सऊदी अरब के पास तेल ना होता तो आले सऊद भूखे मर जाते : लिंडसे ग्राहम ईरानी हैकर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के ईमेल हैक किए ! ईरान, रूस और चीन से युद्ध के लिए तैयार रहे ब्रिटेन : जनरल कार्टर हमास की ज़ायोनी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी, हमारे देश से से निकल जाओ । पाकिस्तान में इतिहास का सबसे बड़ा निवेश करने वाला है सऊदी अरब नेतन्याहू की धमकी, अस्तित्व की जंग लड़ रहा इस्राईल अपनी रक्षा के लिए कुछ भी करेगा ।