Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 184309
Date of publication : 23/11/2016 18:18
Hit : 208

ईरान नें सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र संघ के किसी भी प्रस्ताव का उल्लंघन नहीं कियाः ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी

संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के उप स्थाई राजदूत ने ईरान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के दावों को घिसा पिटा, झूठा और निराधार बताया है।
विलायत पोर्टलः संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के उप स्थाई राजदूत ने ईरान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के दावों को घिसा पिटा, झूठा और निराधार बताया है। ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख को अलग-अलग पत्र लिखकर ईरान के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद को दी गई नई सूचनाओं पर आधारित ज़ायोनी प्रतिनिधि का दावा, हमेशा की भांति निराधार और इसको सिद्ध करने का कोई सबूत नहीं है। ईरान के उप स्थाई राजदूत ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने पर आधारित ईरान के ख़िलाफ़ किया जाने वाला दावा, उस शासन की तरफ़ से किया गया है जिसने निर्लज्जता से पिछले दशकों के दौरान अपने अतिग्रहण की निंदा में सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के प्रस्तावों का अनादर किया है। श्री ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने अतिग्रहणकारी और अपराधी ज़ायोनी शासन को धोखेबाज़ और धूर्त शासन बताया और कहा कि इस शासन ने कई दश्क से फ़िलिस्तीनियों की धरती का अतिग्रहण कर रखा है और मानवाधिकारों का घोर हनन कर रहा है और महिलाओं व बच्चों सहिहत फ़िलिस्तीनी नागरिकों का जनसंहारक र रहा है और अब ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगा रहा है।
....................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना के लिए ईरान का किरदार बहुत महत्वपूर्ण । वालेदैन के हक़ में दुआ हिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध की आग भड़काने पर तुला इस्राईल, मोसाद और ज़ायोनी सेना आमने सामने इराक की दो टूक, किसी भी देश के ख़िलाफ़ देश की धरती का प्रयोग नहीं होने देंगे फ़्रांस के दो लाख यहूदी नागरिकों को स्वीकार करेगा अवैध राष्ट्र इस्राईल इस्राईल का चप्पा चप्पा हमारी की मिसाइलों के निशाने पर : हिज़्बुल्लाह जौलान हाइट्स से लेकर अल जलील तक इस्राईल का काल बन गई है नौजबा मूवमेंट । हम न होते तो फ़ारसी बोलते आले सऊद, अमेरिका के बिना सऊदी अरब कुछ नहीं : लिंडसे ग्राहम आले सऊद की बेशर्मी, लापता हाजी सऊदी जेलों में मौजूद ट्रम्प पर मंडला रहा है महाभियोग और जेल जाने का ख़तरा । जॉर्डन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने दमिश्क़ से राजनयिक संबंध बहाल करने की इच्छा जताई क़ुर्आन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब ट्रम्प को फ्रांस की नसीहत, हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे अमेरिका । तुर्की अरब जगत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा : अब्दुल ख़ालिक़ अब्दुल्लाह आतंकवाद से संघर्ष का दावा करने वाला अमेरिका शरणार्थियों पर हमले बंद करे : मलाला युसुफ़ज़ई