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Code : 184335
Date of publication : 24/11/2016 18:56
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अमेरिकी और ज़ायोनी षडयंत्र नाकाम, 170 देशों ने किया फिलिस्तीन के समर्थन में मतदान।

संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के मानवीय, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोग के 193 सदस्य देशों में से 170 देशों ने फिलिस्तीनी राष्ट्र को अपना भविष्य निर्धारित करने के मसौदे के पक्ष में मत दिया है जबकि अमेरिका, कनाडा, मार्शल द्वीप समूह, माइक्रोनीशिया, नाउरू, पलाउ और जायोनी शासन ने इसके विरुद्ध मत दिया
विलायत पोर्टलः अधिकांश प्रस्तावों में राष्ट्रसंघ से संबंधित सभी देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों व संस्थाओं से मांग की गई है कि वे फिलिस्तीनी जनता की आकांक्षाओं का समर्थन जारी रखें। संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के मानवीय, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोग के 193 सदस्य देशों में से 170 देशों ने फिलिस्तीनी राष्ट्र को अपना भविष्य निर्धारित करने के मसौदे के पक्ष में मत दिया है जबकि अमेरिका, कनाडा, मार्शल द्वीप समूह, माइक्रोनीशिया, नाउरू, पलाउ और जायोनी शासन ने इसके विरुद्ध मत दिया और पांच देशों ने मतदान में भाग ही नहीं लिया। एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन के संबंध में यह क़दम उस समय उठाया जा रहा है जब जायोनी शासन विभिन्न षडयंत्रों के माध्यम से सदैव एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन के विषय को ही समाप्त करने की चेष्टा में रहा है और इस तरह वह पूरी तरह फिलिस्तीनियों के अधिकारों की उपेक्षा के प्रयास में है परंतु फिलिस्तीनी जनता के साहसिक प्रतिरोध ने अमली रूप में जायोनी शासन के लक्ष्यों पर पानी फेर दिया है। इस प्रकार की स्थिति में विश्व के 170 देशों द्वारा फिलिस्तीनी जनता की आकांक्षाओं के पक्ष में मत देना वास्तव में फिलिस्तीनी जनता के छीने हुए अधिकारों की वापसी पर मुहर लगाना है और साथ ही इस मसौदे के पक्ष में 170 देशों का वोट देना इस बात का सूचक है कि विश्व समुदाय जायोनी शासन के अतिग्रहण के विरुद्ध है। हालिया वर्षों में फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों के समर्थन में संयुक्त राष्ट्रसंघ में कई प्रस्ताव पारित हुए हैं। इन समस्त प्रस्तावों में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन सहित अपना भविष्य निर्धारित करने हेतु फिलिस्तीनी जनता की आकांक्षाओं पर बल दिया गया है। बहरहाल अंतरराष्ट्रीय परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों की अनदेखी करने हेतु अमेरिका और जायोनी शासन के षडयंत्रों को विफलता का सामना है।
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तेहरान रेडियो


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