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Code : 184452
Date of publication : 4/12/2016 19:21
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इराक़ और सीरिया में आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष पर एक निगाह।

अमेरीका की अगुवाई वाले आईएस के ख़िलाफ़ कथित गठबंधन के कमान्डर अब्दुल अमीर रशीद यारल्लाह ने इस बात को स्वीकार किया कि सीरिया और इराक़ में इस गठबंधन के हमलों में दसियों आम नागरिक हताहत हुए।
विलायत पोर्टलः इराक़ और सीरिया में आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष ऐसी हालत में कि इराक़ी और सीरियाई फ़ोर्सेज़ ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं, अमेरीका की अगुवाई वाले आईएस के ख़िलाफ़ कथित गठबंधन के कमान्डर अब्दुल अमीर रशीद यारल्लाह ने इस बात को स्वीकार किया कि सीरिया और इराक़ में इस गठबंधन के हमलों में दसियों आम नागरिक हताहत हुए। यारल्लाह ने कहा कि पिछले 9 महीने में इराक़ और सीरिया में इस कथित गठबंधन के हमलों में 54 नागरिक मारे गए। सीरिया और इराक़ में आतंकवादी गुटों को अमेरीका और उसके घटकों की ओर से समर्थन के ख़िलाफ़ जब विश्व स्तर पर आवाज़ उठने लगी तो अमेरीका ने आतंकवाद को अच्छे और बुरे दो गुट में बांट दिया और अपने दृष्टिगत अच्छे आतंकियों की मदद करने लगा। जिस समय अमरीका ने 2014 के अंतिम महीनों में अपने उन घटकों के साथ आईएस के ख़िलाफ़ गठबंधन बनाया कि जिनकी ओर से आईएस को समर्थन के संदर्भ में किसी तरह का शक नहीं था, एक बार फिर बुरे आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर ध्यान दिया। अमेरीका के इस व्यवहार का नतीजा था कि आईएस के ख़िलाफ़ अमेरीका की अगुवाई वाले कथित गठबंधन के कमान्डर की स्वीकारोक्ति के अनुसार, पिछले 9 महीने के दौरान सीरिया और इराक़ में इस गठबंधन के हमले में 54 नागरिक मारे गए। हालांकि उत्तरी सीरिया में मिम्बिज शहर के पास इस गठबंधन की ओर से एक बमबारी में 24 आम नागरिक मारे गए। इस अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की ओर से पेश किए गए आंकड़े के अनुसार, 2014 के शुरु से इराक़ और सीरिया में इस गठबंधन की बमबारी में 173 आम लोग मारे गए हैं, जबकि समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट से इस आंकड़े के कई गुना होने का पता चलता है। सीरिया और इराक़ में आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के संबंध में जो दूसरा व्यवाहर नज़र आता है, वह इन देशों में सेना को केन्द्रीय रोल देने और स्वयंसेवियों की क्षमता से लाभ उठाने पर आधारित है। सीरिया और इराक़ में इस व्यवहार की समीक्षा इसके सफल होने की सूचक है। सीरिया में पूर्वी हलब का एक तिहाई भाग कि जिस पर 2012 से आतंकियों के क़ब्ज़े में था, सीरियाई सेना के कंट्रोल में आ गया है और अब सीरियाई जनता बहुत बड़ी सफलता का इंतेज़ार कर रही है। उधर इराक़ में मूसिल को आईएस के क़ब्ज़े से आज़ाद कराने का अभियान जारी है। इराक़ में मूसिल आईएस का अंतिम अड्डा है और इसकी आज़ादी से इराक़ में एक प्रकार से आईएस का अंत हो जाएगा। सीरिया और इराक़ में सेना और स्वयंसेवी बल के सहयोग से आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्यवाही ने यह दर्शा दिया कि इस कार्यवाही के लिए गंभीर संकल्प की ज़रूरत है और इस संयुक्त वैश्विक ख़तरे को सिर्फ़ संघर्ष की मुद्रा से ख़त्म नहीं किया जा सकता।
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तेहरान रेडियो


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