Thursday - 2018 Sep 20
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 185017
Date of publication : 11/1/2017 18:13
Hit : 360

म्यांमार पहुंची संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर, क्या रोहिंग्या मुसलमानों को मिल सकेगा इंसाफ़....?

म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर भयानक अत्याचार और इसमें सरकार की निंदनीय भूमिका की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है और अब सूचना मिली है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर सुश्री यांगी ली म्यांमार के राख़ीन इलाक़े में पहुंची हैं।


विलायत पोर्टलः
म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर भयानक अत्याचार और इसमें सरकार की निंदनीय भूमिका की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है और अब सूचना मिली है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर सुश्री यांगी ली म्यांमार के राख़ीन इलाक़े में पहुंची हैं। म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर भयानक अत्याचार और इसमें सरकार की निंदनीय भूमिका की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है और अब सूचना मिली है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर सुश्री यांगी ली म्यांमार के राख़ीन इलाक़े में पहुंची हैं जहां रोहिंग्या मुसलमानों को कुनियोजित रूप से अत्याचार का निशाना बनाया जा रहा है और बौद्ध मत के चरमपंथी बिना किसी डर के रोहिंग्या मुसलमानों पर हमले कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ इससे पहले कह चुका है कि राख़ीन में मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा की ताज़ा लहर शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 65 हज़ार मुसलमान सुरक्षा बलों के हिंसक बर्ताव से परेशान होकर फ़रार हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवता प्रेमी सहायता के समन्वय कार्यालय ने बताया था कि एक सप्ताह के अंदर ही 22 हज़ार रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भागने पर मजबूर कर दिए गए। म्यांमार में सबसे बड़ी समस्या यही है कि पुलिस और सुरक्षा बल भी रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार में शामिल हो गए हैं और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में पत्रकारों को जाने से रोक दिया है ताकि वहां कि हालात दुनिया के सामने न आ सकें। सरकार ने सुरक्षा बलों के एक केन्द्र पर अज्ञात लोगों के हमले के बाद इसका आरोप रोहिंग्या मुसलमानों पर लगाया और कहा कि यह लोग दाइश से जुड़ गए हैं। सरकार ने इस दावे का कोई सुबूत पेश नहीं किया और न ही इस बात के साक्ष्य मिले कि यह हमला रोहिंग्या मुसलमानों ने किया था जबकि इसी हमले के जवाब में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा की नई लहर शुरू कर दी गई। संयुक्त राष्ट्र संघ से विश्व जनमत को यह अपेक्षा है कि वह बौद्ध मत के चरमपंथियों और सुरक्षा बलों की केवल निंदा न करे बल्कि इस दमनात्मक कार्यवाही क असली कारण खोजे और यह सिलसिला रुकवाने के लिए प्रभावी क़दम उठाए।
...................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :