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Date of publication : 26/1/2017 9:16
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अहले सुन्नत की किताबों की रौशनी में

शिया रसूले इस्लाम स.अ. की ज़बानी (1) अली के शिया क़यामत के दिन कामयाब होंगे।

यह (अली) और इसके शिया क़यामत के दिन कामयाब होंगे। और इस सिलसिले में यह आयत नाज़िल हुई बेशक जो लोग ईमान लाए


अहले सुन्नत की किताबों की रौशनी में
शिया रसूले इस्लाम स.अ. की ज़बानी (1) अली के शिया क़यामत के दिन कामयाब होंगे।
عن جابر بن عبد الله قال : « كنا عند النبي صلى الله عليه وسلم فأقبل عليّ فقال النبي صلى الله عليه وسلم : » والذي نفسي بيده إن هذا وشيعته لهم الفائزون يوم القيامة ، ونزلت { إن الذين آمنوا وعملوا الصالحات أولئك هم خير البرية } «
فكان أصحاب النبي صلى الله عليه وسلم إذا أقبل عليّ قالوا : جاء خير البرية .
जाबिर इब्ने अब्दुल्लाह अंसारी कहते हैं कि हम रसूले इस्लाम स.अ. के पास बैठे थे कि अली. तशरीफ़ लाए पैग़म्बर स.अ. ने जैसे ही अली अ. को देखा फ़रमायाः उस ज़ात की क़सम जिसके क़ब्ज़े में मेरी जान है यह (अली) और इसके शिया क़यामत के दिन कामयाब होंगे। और इस सिलसिले में यह आयत नाज़िल हुई बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम अंजाम देते हैं और वही ख़ैरुल बरीयः (बेहतरीन इंसान) हैं। और इसीलिए जब भी अली. आते थे सहाबा कहते थे ख़ैरूल बरीयः (बेहतरीन इंसान) आ गए।

सोर्स
तफ़सीरे अल-दुर्रुल मंसूर, सिव्ती, भाग 6 पेज 379
अस्सवाएक़ुल मोहरेक़ा, इब्ने हजर पेज 96
तफ़सीरे रूहुल मआनी, आलूसी भाग 30 पेज 207
तफ़सीरे जामेउल बयान, तबरी भाग 30 पेज 265



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