Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 185526
Date of publication : 7/2/2017 11:13
Hit : 271

सऊदी अरब में राजनीतिक बंदियों पर टार्चर अपने चरम पर, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता।

सऊदी अरब में किसी चैनल से बात करना या विदेशी न्यूज़ एजेंसी से बात करने का नतीजा जेल है......


विलायत पोर्टलः प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब में तानाशाह बादशाह से वफादारी न करना या विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के जुर्म में लोगों को बन्दी बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब में किसी चैनल से बात करना या विदेशी न्यूज़ एजेंसी से बात करने का नतीजा जेल है। मीडिल ईस्ट मानवाधिकार आयोग की निदेशक सारा व्हीट्सन के अनुसार सऊदी अरब में जो सरकारी नीति को पसन्द नहीं करता वह या तो चुप रहे या जेल में सड़े।
ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार सऊदी अरब के ३९ वर्षीय लेखक नज़ीर अलमाजिद को २०११ में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के आरोप में ७ साल जेल और देश से बहार निकलने पर पाबन्दी लगा दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार उन पर बादशाह का अनादर उससे निष्ठा का उल्लंघन तथा सोशल मीडिया एवं सेटेलाइट चैनल पर मैसेजेज़ भेजने का आरोप लगाया गया है। अलमाजिद को २०११ में उनके घर से उठाकर १५ महीने बंदी बनाकर रखा गया दिसम्बर २०१५ तक उन पर कोई केस फाइल नहीं हुआ था वह अभी तक जेल में ही है और किसी से मिलने की आज्ञा नहीं है।
इसी तरह सऊदी पुलिस ने १० जनवरी २०१५ को सऊदी नागरिक और राजनीतिक अधिकार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ को न्याय अधिकारी के अनादर और लोगों को प्रशासन के खिलाफ भड़काने तथा सऊदी में पुलिस राज्य बताने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। उन पर विदेशी मीडिया और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं से सम्बन्ध रखने तथा सत्ता के अत्याचारों की रिपोर्ट सौंपने के आरोप लगाए गए। उनको ८ साल जेल ८ साल मुल्क से बहार जाने पर पाबन्दी तथा जेल से आने के बाद ८ साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की सजा दी गई है। ४५ वर्षीय ऐसाम कोशक, ४५ वर्षीय अहमद तथा १३ वर्षीय कुरेरिस को भी २०१४ में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है ।


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का सम्मान करते हैं लेकिन इस्राईल की नकेल कसो : लेबनान दक्षिण कोरिया ने आंग सान सू ची से ग्वांगजू पुरस्कार वापस लेने का फैसला किया । सूडान ने इस्राईल के अरमानों पर पानी फेरा, संबंध सामान्य करने से किया इंकार । हज़रत फ़ातिमा मासूमा स.अ. सऊदी अरब का अमेरिका को कड़ा संदेश, हमारे मामले में मुंह बंद रखे सीनेट । इदलिब की आज़ादी प्राथमिकता, अतिक्रमणकारियों को सीरिया से भागना ही होगा : दमिश्क़ हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स की मांग, अमेरिका से राजनैतिक संबद्धता कम करे इंग्लैंड। अवैध राष्ट्र ने लगाई गुहार, लेबनान सेना पर दबाव बनाए अमेरिका । अमेरिकी गठबंधन आतंकी संगठनों की मदद से सीरिया के तेल संपदा को लूटने में व्यस्त । मासूमा ए क़ुम स.अ. की शहादत के शोक में डूबा ईरान, क़ुम समेत देश भर में मातम । अमेरिका ने स्वीकारा, असद को पदमुक्त करना उद्देश्य नहीं । सिर्फ दो साल, और साठ हज़ार लोगों की जान ले चुका है यमन संकट । हमास ने दिया इस्राईल को गहरा झटका, पकडे गए ड्रोन विमानों का क्लोन बनाया । आले सऊद की काली करतूत, क़तर पर हमला कर हड़पने की साज़िश का भंडाफोड़ । रूस मामलों में पोम्पियो की कोई हैसियत नहीं, अमेरिका की विदेश नीति का भार जॉन बोल्टन के कंधों पर : लावरोफ़