Thursday - 2018 August 16
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 185538
Date of publication : 7/2/2017 18:12
Hit : 270

ईरान फोबिया, जनमत को गुमराह करने के लिए इस्राईल की चाल है।

नेतन्याहू के अनुसार ईरान, दाइश से बड़ा खतरा है जो इसराइल को मिटा कर मीडिल ईस्ट को अपने अधिकार क्षेत्र में लाना चाहता है तथा यूरोप, अमेरिका और दुनिया को डराना चाहता है। यह बाते इसराइल के अवैध निर्माण से दुनिया का ध्यान बटाने के लिए है


विलायत पोर्टल:
अल-आलम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा को इस्राईल और विश्व समुदाय को ईरान के सम्भावित खतरे की कहानी सुनाई। नेतन्याहू के अनुसार ईरान, दाइश से बड़ा खतरा है जो इस्राईल को मिटा कर मिडिल ईस्ट को अपने अधिकार में लाना चाहता है तथा यूरोप, अमेरिका और दुनिया को डराना चाहता है। यह बाते इस्राईल के अवैध निर्माण से दुनिया का ध्यान बटाने के लिए की जा रही है।
ज्ञात रहे कि ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही इस्राईल ने फिलिस्तीन के पश्चिमी तट पर २५०० आवासीय इकाईयां बनाने का काम शुरू कर दिया है जिसका ट्रम्प प्रशासन ने दिखावे के लिए दबी ज़बान में ही विरोध किया है।
नेतन्याहू जानते है कि ट्रम्प प्रशासन के उच्च अधिकारी भी ईरान के लिए अत्यंत कड़े शब्दों का प्रयोग करते हैं। अभी जेम्स मैथीस ने भी ईरान को आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक बताया था लेकिन ईरान से मुक़ाबले के लिए मेडिल ईस्ट में अपने सैनिकों को बढ़ाने से मना कर दिया था। पश्चिमी तट पर इस्राईल द्वारा अवैध कालोनियों के निर्माण को विरोध का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि यह फिलिस्तीन और इस्राईल सम्बन्धो को सुधारने की राह में अड़चन डालेगा जबकि सच्चाई यह है कि फिलिस्तीन के साथ राजनीतिक भेदभाव और दुनिया के पक्षपात ने इस संकट के राजनैतिक समाधान की सभी संभावनाओं को समाप्त कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार इस्राईल और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले खाड़ी देश ट्रम्प के सत्ता सँभालने और ईरान के खिलाफ ज़हर उगलने से खुश है ।
........................
अल आलम टीवी



आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :