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Code : 186437
Date of publication : 3/4/2017 17:10
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अरब शिखर सम्मलेन के बयान पर ईरान ने जताई कड़ी आपत्ति ।

कुछ अरब राष्ट्र अवैध राष्ट्र की जगह ईरान को शत्रु के रूप मे पेश कर रहे हैं लेकिन वह जान ले कि उन्हे कुछ हासिल नही होगा ।


विलायत पोर्टल :
अरब शिखर सम्मलेन के अंतिम में सदस्य देशों द्वारा जारी किये गए बयान पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई है । ज्ञात रहे कि अरब देशों ने ईरान पर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों मे हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए ईरान के अबु मूसा और तुंब सहित तीन द्वीप को यूएई का अंग बताया है । ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बेहराम क़ासेमी ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसलामी गणतंत्र को किसी देश के आंतरिक मामलों मे हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नही है। ईरान समस्त देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है तथा एक अच्छे पड़ोसी की तरह की तरह क्षेत्रीय देशों का आदर करता है । उन्होने इस्लामी राष्ट्राध्यक्षों द्वारा इस्लामी जगत के स्वभाविक खतरे की अनदेखी करते हुए अपने वास्तविक शत्रु को ना पहचानने पर गहरी निराशा व्यकत की । क़ासेमी ने ईरान के ३ द्वीप पर यूएई के दावे को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि उनके दावे से इतिहास नही बदला जा सकता यह तीनों द्वीप ईरान के थे ईरान के हैं और ईरान के ही रहेंगे । खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ अरब राष्ट्र अवैध राष्ट्र की जगह ईरान को शत्रु के रूप मे पेश कर रहे हैं लेकिन वह जान ले कि उन्हे कुछ हासिल नही होगा ।दशकों से जारी अवैध राष्ट्र के अत्याचारों को दुनिया भूलने वाली नहीं है । उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र अपनी नीतियों पर तटस्थ है वह किसी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का पक्षधर नहीं है तथा समस्त देशों विशेष रूप से इस्लामी तथा अपने पडोसी देशों की अखण्डता एवं संप्रभुता का सम्मान करता है।
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प्रेस टीवी


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