Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 187136
Date of publication : 7/5/2017 16:0
Hit : 532

एकबार फिर बहरैनी जनता की जीत, खलीफाई अदालत की कार्यवाही फिर स्थगित ।

उन्होंने आशा व्यक्त की है कि बहरैन सरकार देश की जनता को कुचलने के बजाय उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए देशहित में क़दम उठाएगी तथा इन मामलों का शांतिपूर्ण समाधान करेगी ।


विलायत पोर्टल :
ईरान में बहरैनी आध्यात्मिक पेशवा आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के विशेष दूत शैख़ अब्दुल्लाह दक़्क़ाक़ ने कहा है कि शैख़ ईसा क़ासिम मामले पर अदालती फैसले का एकबार फिर स्थगित होना वास्तव में देश की जनता की जीत है । उन्होंने आशा व्यक्त की है कि बहरैन सरकार देश की जनता को कुचलने के बजाय उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए देशहित में क़दम उठाएगी तथा इन मामलों का शांतिपूर्ण समाधान करेगी । याद रहे कि यह चौथा अवसर है जब खलीफाई अदालत ने शैख़ ईसा क़ासिम केस पर फैसले सुनाने की तारीख बढ़ा दी है । आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के मामले पर २१ मई में फैसला सुनाया जायेगा।
 ..........
 T न्यूज़


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

हम न होते तो फ़ारसी बोलते आले सऊद, अमेरिका के बिना सऊदी अरब कुछ नहीं : लिंडसे ग्राहम आले सऊद की बेशर्मी, लापता हाजी सऊदी जेलों में मौजूद ट्रम्प पर मंडला रहा है महाभियोग और जेल जाने का ख़तरा । जॉर्डन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने दमिश्क़ से राजनयिक संबंध बहाल करने की इच्छा जताई क़ुर्आन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब ट्रम्प को फ्रांस की नसीहत, हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे अमेरिका । तुर्की अरब जगत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा : अब्दुल ख़ालिक़ अब्दुल्लाह आतंकवाद से संघर्ष का दावा करने वाला अमेरिका शरणार्थियों पर हमले बंद करे : मलाला युसुफ़ज़ई बिन सलमान इस्राईल का सामरिक ख़ज़ाना, हर प्रकार रक्षा करें ट्रम्प : नेतन्याहू लेबनान इस्राईल सीमा पर तनाव, लेबनान सेना अलर्ट हिज़्बुल्लाह की पहुँच से बाहर नहीं है ज़ायोनी सेना, पलक झपकते ही नक़्शा बदलने में सक्षम हिंद महासागर में सैन्य अभ्यास करने की तैयारी कर रहा है ईरान हमास से मिली पराजय के ज़ख्मों का इलाज असंभव : लिबरमैन भारत और संयुक्त अरब अमीरात डॉलर के बजाए स्वदेशी मुद्रा के करेंगे वित्तीय लेनदेन । सामर्रा पर हमले की साज़िश नाकाम, वहाबी आतंकियों ने मैदान छोड़ा