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Code : 187691
Date of publication : 5/6/2017 17:25
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पैग़म्बर और हज़रत ख़दीजा का सम्मान

वह उस समय मुझ पर ईमान लाईं जब लगभग सभी लोग अल्लाह और उसके रसूल यानी मेरा इनकार कर रहे थे, और उस समय मेरा साथ दिया जब लोग मुझे झूठा कह रहे थे, और उस समय अपनी सारी दौलत मेरे क़दमों में डाल दी जब लोग मेरा बॉयकाट कर रहे थे,

विलायत पोर्टल :
  पैग़म्बरे इस्लाम स.अ., हज़रत ख़दीजा स.अ. के जीवन में हो या उनकी वफ़ात के बाद आप हमेशा उनका सम्मान करते, और जब तक हज़रत ख़दीजा स.अ. जीवित रहीं आप ने दूसरी शादी नहीं की। आप हज़रत ख़दीजा स.अ. को हज़रत मरयम, हज़रत आसिया, और हज़रत ज़हरा स.अ. की तरह दुनिया की सबसे महान ख़ातून समझते थे। (अल-एसाबह, जिल्द 8, पेज 101, उस्दुल ग़ाबह, जिल्द 5, पेज 437) और जब वह जीवित थीं आप उनको जनको जन्नत में  घर होने की बशारत देते थे। (अल-एसाबह, जिल्द 8, पेज 101, उस्दुल ग़ाबह, जिल्द 5, पेज 437) आप हज़रत ख़दीजा की वफ़ात के बाद हमेशा उन्हें याद करते, और जब भी भेड़ की क़ुर्बानी करते हज़रत ख़दीजा के रिश्तेदारों को उसका गोश्त ज़रूर भेजते, और कारण पूछे जाने पर कहते कि मुझे ख़दीजा के रिश्तेदारों से भी बहुच लगाव है। (अल-एसाबह, जिल्द 8, पेज 103) हज़रत ख़दीजा की वफ़ात के बाद भी आप की निगाह में उनका इस हद तक सम्मान था कि आप हमेशा उनको इतना  याद करते थे हज़रत आएशा को बुरा लगने लगा, एक दिन आएशा ने पूछा आप क्यों इतना एक बूढ़ी औरत को याद करते हैं जबकि अल्लाह ने उस से बेहतर बीवी आप को दी है? पैग़म्बर यह बात सुन कर नाराज़ हो गए और फ़रमाया, बिल्कुल ऐसा नहीं है, अल्लाह की क़सम उनसे बेहतर बीवी कोई नहीं है,  वह उस समय मुझ पर ईमान लाईं जब लगभग सभी लोग अल्लाह और उसके रसूल यानी मेरा इनकार कर रहे थे, और उस समय मेरा साथ दिया जब लोग मुझे झूठा कह रहे थे, और उस समय अपनी सारी दौलत मेरे क़दमों में डाल दी जब लोग मेरा बॉयकाट कर रहे थे, अल्लाह ने मुझे उनके द्वारा औलाद दी न किसी और बीवी के द्वारा। (अल-एसाबह, जिल्द 8, पेज 103)


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