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Code : 190566
Date of publication : 22/11/2017 18:53
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ईरान फोबिया की आड़ में अवैध राष्ट्र इस्राईल से पींगे बढ़ा रहे हैं आले सऊद : अल जज़ीरा

अमेरिका मिडिल ईस्ट को पश्चिमी शक्तियों के समर्थक के रूप में देखना चाहता था चाहे उसके लिए क्षेत्रीय देशों में चुनावों की आड़ में अपनी कठपुतली सरकारों का गठन हो या या उन देशों में गृहयुद्ध की आग भड़का कर अपनी विरोधी सरकारों का पतन, लेकिन अमेरिका को हर मोर्चे पर कड़ी पराजय का सामना करना पड़ा।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार अल जज़ीरा का कहना है कि आले सऊद क्षेत्र और अरब देशों को ईरान का डर दिखा कर अवैध ज़ायोनी राष्ट्र से अपने गोपनीय संबंधों को सार्वजानिक रूप से अधिक मज़बूत बनाना चहते हैं । अल जज़ीरा ने एक विश्लेषण पेश करते हुए कहा कि अवैध राष्ट्र का ईरान दुश्मनी के नाम पर सऊदी गठबंधन का हिस्सा बनना इस बात को स्पष्ट दर्शाता है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका अपने मंसूबों में बुरी तरह नाकाम रहा है । अमेरिका मिडिल ईस्ट को पश्चिमी शक्तियों के समर्थक के रूप में देखना चाहता था चाहे उसके लिए क्षेत्रीय देशों में चुनावों की आड़ में अपनी कठपुतली सरकारों का गठन हो या या उन देशों में गृहयुद्ध की आग भड़का कर अपनी विरोधी सरकारों का पतन, लेकिन अमेरिका को हर मोर्चे पर कड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। तल अवीव यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ स्कॉलर कोबी माइकल का कहना है कि अमेरिका ने क्षेत्र में जो स्थान ख़ाली किया है वह रूस और ईरान समर्थित संगठनों और सरकारों ने ले लिया है । आले सऊद के लिए इस्राईल से अधिक भरोसेमंद कोई नहीं है इस लिए वह अच्छी तरह जानते हैं कि इस्राईल से दोस्ती का इस से अच्छा अवसर हाथ नहीं आएगा । अल जज़ीरा का कहना है कि ईरान सिर्फ बहाना है, इस्राईल ने दोनों देशों के गोपनीय संबंधों को बहुत अधिक नहीं छुपाया, हाल ही में ज़ायोनी मंत्री ने सऊदी मुफ़्ती को इस्राईल आने की दावत दी थी वहीँ ज़ायोनी संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख भी सऊदी अधिकारियों से मिलते रहे हैं ।
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YJC


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