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Date of publication : 23/11/2017 17:24
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आयतुल्लाह ख़ामेनई की इबादत

आप अपने क़ुम के सफ़र में कामों की अधिकता के बावजूद मस्जिदे जमकरान जा कर पूरी रात इबादत में मसरूफ़ थे।


विलायत पोर्टल :  आयतुल्लाह ख़ामेनई की इबादत के समय की स्थिति को कोई शब्दों में बयान नहीं कर सकता, आप की नमाज़ के सच्चे ख़ुलूस को वही समझ सकता है जिसने आप के पीछे नमाज़ पढ़ी है। हुज्जतुल इस्लाम जनाब मूसवी काशानी आप की नमाज़ की हालत को बयान करते हुए कहते हैं, मैंने नमाज़ में इतने ख़ुलूस को या इमाम ख़ुमैनी के पीछे क़ुम में या मस्जिदुल हराम में हजरे असवद और मक़ामे इब्राहीम के बीच नमाज़ पढ़ते हुए महसूस किया। अल्लाह के पवित्र महीने रमज़ान में आपकी यह हालत और बढ़ जाती है, वैसे तो आप पूरे साल अल्लाह से दुआ और मुनाजात करते हैं लेकिन रमज़ान में यह हालत विशेष रूप ले लेती। सलवाते शाबानिया नामी मशहूर और मारूफ़ दुआ पढ़ते समय आपकी हालत देखने के क़ाबिल होती है, आप बहुत ही धीरज और धैर्य के साथ उस दुआ को ख़ुद भी पढ़ते और दूसरों को पढ़ने की नसीहत भी करते। आप 24 घंटों में केवल 4 घंटा सोते, और बाक़ी समय अल्लाह की इबादत और लीडर शिप के दायित्व को निभाते। आप अपने क़ुम के सफ़र में कामों की अधिकता के बावजूद मस्जिदे जमकरान जा कर पूरी रात इबादत में मसरूफ़ थे। आप अपने घर तेहरान में भी प्रतिदिन सुबह 3:30 बजे उठते और सुबह की नमाज़ तक अल्लाह की इबादत करते। आप की अपने जीवन में सारी ज़िम्मेदारी के बावजूद अल्लाह की इतनी अधिक इबादत हम सभी लोगों के लिए नमूना हैं।
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