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Date of publication : 30/11/2017 14:32
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हसन नसरुल्लाह न होते तो सअद हरीरी की रिहाई मे होती मुश्किल : बहियेह हरीरी

उन्होंने कहा कि सय्यद हसन नसरुल्लाह का क़दम मानवता , नैतिकता और देश के प्रति ज़िम्मेदारी से परिपूर्ण था, तथा सय्यद हसन नसरुल्लाह में मानवता , नैतिकता और देशप्रेम कूट कूट कर भरा है ।


विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार लेबनान के प्रधानमंत्री सअद हरीरी की बहन और पूर्व प्रधान मंत्री रफ़ीक़ हरीरी की बेटी बहियेह हरीरी ने सअद हरीरी की रिहाई में सय्यद हसन नसरुल्लाह की प्रभावी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अगर सय्यद हसन नसरुल्लाह न होते तो सअद हरीरी को सऊदी बंधन से छुड़ाना काफी मुश्किल होता । उन्होंने कहा कि हरीरी के इस्तीफे के फ़ौरन बाद से ही हसन नसरुल्लाह ने इस घटना का विरोध किया और कहा कि हरीरी ने हिज़्बुल्लाह को सन्देश दिया है कि वह अपने सरकारी दयित्व को निभाने के इच्छुक हैं और गैस , तेल और ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण क़दम उठाना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि सय्यद हसन नसरुल्लाह का क़दम मानवता , नैतिकता और देश के प्रति ज़िम्मेदारी से परिपूर्ण था, तथा सय्यद हसन नसरुल्लाह में मानवता , नैतिकता और देशप्रेम कूट कूट कर भरा है । हसन नसरुल्लाह के प्रयासों और सूझबूझ ने सऊदी अरब के षड्यंत्रों को नाकाम करते हुए आले सऊद की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
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  अलआलम


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