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Code : 190716
Date of publication : 3/12/2017 19:36
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हश्दुश शअबी न होती तो पेरिस पर लहराता दाइश का झंडा

ज़रूरत इस बात की है कि फ़्रांस हश्दुश शअबी के बलिदान और वीरता का सम्मान करे अगर इस स्वंयसेवी बल का बलिदान और शहादतें न होती तो आज पेरिस पर दाइश का झंडा लहरा रहा होता ।

विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकारी के अनुसार इराक पार्लियमनेट के वरिष्ठ सदस्य ने हश्दुश शअबी के विरुद्ध दिए गए फ्रेंच राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ज़रूरत इस बात की है कि फ़्रांस हश्दुश शअबी के बलिदान और वीरता का सम्मान करे अगर इस स्वंयसेवी बल का बलिदान और शहादतें न होती तो आज पेरिस पर दाइश का झंडा लहरा रहा होता । ज्ञात रहे कि फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन ने इराक स्वंयसेवी बल हश्दुश शअबी को भंग किये जाने की मांग की थी जिसकी निंदा करते हुए इराक संसद के निदेशक मंडल के वरिष्ठ सदस्य हेमाम हमूदी ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मैक्रोन का बयान इराक के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है तथा हश्दुश शअबी जैसे संवैधानिक संगठन को भंग करने की उनकी मांग औचित्यहीन है । ज्ञात रहे कि इस से पहले पूर्व प्रधानमंत्री तथा इराक के उपराष्ट्रपति नूरी मालिकी ने भी मैक्रोन के बयान को फ़्रांस के मूल संविधान और इराक की अखंडता और सम्प्रभुता का खुला उल्लंघन बताया था ।
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क़ुद्स


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