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Date of publication : 16/1/2018 19:2
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वह दस तरीक़े जिन से मियां बीवी के आपसी रिलेशन मज़बूत होते हैं

मियां और बीवी को अपने आत्म सम्मान को हमेशा बचाए रखना चाहिए, क्योंकि अगर ख़ुद अपनी निगाह में अपमानित हो गए तो कभी दूसरे से अपने सम्मान की उम्मीद मत रखिएगा, उम्र ढ़लने के साथ इंसान फ़िज़िक्ली कमज़ोर रहता है लेकिन जो चीज़ उसे हमेशा मज़बूत बनाए रहती है वह ख़ुद इंसान की अपनी शख़्सियत है यानी अगर इंसान ने अपनी शख़्सियत को ऐसा बनाया कि जिससे उसकी ओर आकर्षित हुआ जा सके तो अगर वह जिस्मानी तौर पर कमज़ोर भी हो गया तब भी मियां और बीवी का आपसी रिश्ता मज़बूत रहेगा, और अगर मर्द या औरत की शख़्सियत हमेशा हर छोटी छोटी बात पर शिकायत के लिए पहचानी जाती हो तो ज़ाहिर है उम्र के साथ साथ उसकी शख़्सियत भी कमज़ोर होती रहेगी।

विलायत पोर्टल : समाज में कभी कभी यह मुश्किल देखने में आती है कि मियां और बीवी के बीच कभी कभी छोटी छोटी बातों पर आपसी मतभेद हो जाते हैं, यह और बात है कि बहुत कम ही समय में दोनों कुछ देर पहले की बात को भूल कर फिर माहौल को सही बना लेते हैं, लेकिन यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि कभी हर बात पर इस तरह के मतभेद हमारे आपसी रिश्तों के लिए हानिकारक हो जाते हैं। सबसे पहले हमें यह समझ लेना चाहिए मियां और बीवी के बीच मोहब्बत अधिकतर इस रिश्ते के कारण नहीं होती बल्कि उसे हासिल करनी पड़ती है, इसका मतलब यह है कि मियां और बीवी को दोनों को मोहब्बत के इज़हार का तरीक़ा सीखना बहुत ज़रूरी है, बहुत से मियां और बीवी हैं जो एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते हैं लेकिन कभी एक दूसरे से कह नहीं पाते, ध्यान रहे कि मोहब्बत दिल में कितनी भी क्यों न हो अगर उसको ज़ाहिर न किया जाए तो न ही उसका कोई फ़ायदा है और न ही कोई असर। हम इस लेख में मियां और बीवी के बीच मोहब्बत को ज़ाहिर करने और और इस रिश्ते को और मज़बूत बनाने के कुछ तरीक़े बयान कर रहे हैं।
1. एक सबसे अहम भावना जो मर्दों के अंदर बहुत अधिक पाई जाती है और उसे मर्द पसंद भी करते हैं वह यह है कि बीवी हर काम उनसे पूछ कर करे, दूसरी ओर से किसी भी परिवार के अंदर किसी ऐसे शख़्स का होना ज़रूरी है जो हर काम पर अपनी निगाह रखे ताकि हर ज़रूरत सही समय पर पूरी हो सके या अगर कुछ ग़लत हो रहा है तो उससे रोक सके, तो अब जो भी बीवी अपने मियां से मोहब्बत करती है उसे चाहिए हर छोटे बड़े कामों में अपने मियां की मर्ज़ी को ज़रूर ध्यान में रखे, क्योंकि मर्द यही चाहता है कि उसकी बीवी हर काम उसकी अनुमति के साथ करे, तो अब ज़ाहिर है जब औरत सभी कामों को अपने मियां की मर्ज़ी से करेगी तो उसके दिल में भी अपनी बीवी के लिए विशेष सम्मान और ख़ास दर्जा रहेगा और वह अपनी बीवी की इस आदत के लिए उसकी भी मर्ज़ी का हर काम करने को हर समय तैय्यार रहेगा।
2. अधिकतर ऐसा होता है कि मर्द सोंचते हैं कि वह कुछ ऐसा बड़ा काम अपनी बीवी के लिए करें जिससे वह ख़ुश हो जाए और उसकी तारीफ़ और प्रशंसा करे, यह सोंच काफ़ी हद तक ग़लत है क्योंकि मर्द हमेशा बड़े काम ही के पीछे पड़ा रहेगा और ज़ाहिर है आज के इस महंगाई के दौर में बड़े काम महीने या साल में कितनी बार कर सकता है..... दूसरी ओर अल्लाह ने औरतों में यह भावना रखी है कि अगर मियां उनके लिए छोटा सा भी कोई काम अंजाम देते हैं वह उसे हमेशा याद रखती हैं और उसकी तारीफ़ करती हैं, जैसे अगर मर्द अपनी बीवी की सालगिरह पर किसी महंगे तोहफ़े जैसे सोने की अंगूठी, चैन या उससे कोई बड़ी और महंगी चीज़ के चक्कर में पड़ेगा तो हो सकता है किसी कारण वह महंगा तोहफ़ा न ले सके, और कभी कभी तो महंगे तोहफ़े के चक्कर में कुछ भी नहीं दे पाता और बात और ज़्यादा ख़राब हो जाती है, जबकि कोई ज़रूरी नहीं है कि बीवी को हमेशा महंगा ही तोहफ़ा देने के ख़्याल में रहे, क्योंकि औरत की भावना को अल्लाह ने इतना नर्म और नाज़ुक बनाया है कि वह केवल उसकी सालगिरह पर एक छोटी सी लाइन बोल देने या उसकी पसंद का फ़ूल दे देने पर भी ख़ुश और राज़ी रहेगी।
3. मुस्कुराहट एक ऐसी चीज़ है जो होंटों पर रहती तो पल भर है लेकिन दिल में हमेशा यादगार बन के रह जाती है थकावट को दूर तो मायूसी को ख़त्म कर देती है, बीवी अपने मियां के आफ़िस या किसी दूसरे काम से वापसी पर अगर दे दे तो पूरे दिन की थकावट या किसी भी तरह की परेशानी को मीलों दूर कर देती है।
4. हमेशा याद रहे कि किसी भी इंसान की निगाह में उसके लिए सबसे पसंदीदा उसका अपना नाम होता है, आज की दुनिया में इंसान अपने नाम को इतना अधिक पसंद करता है कि उसे हमेशा बाक़ी रखने के लिए हर कोशिश करने को तैय्यार रहता है, अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने और अपनी मोहब्बत सामने वाले के दिल में डालने का एक सबसे अहम तरीक़ा उसका प्यार और सम्मान से जिस तरह भी वह चाहता है वैसे ही उसका नाम लेना है, समाज में कुछ परिवारों में यह मुश्किल देखने में आती है कि वह यह सोंचते हैं कि अब हम मियां बीवी काफ़ी घुल मिल गए हैं अब नाम में क्या रखा है ऐसा सोंचना बिल्कुल ग़लत है, ख़ास कर जब मियां या बीवी में से कोई कुछ लोगों के बीच खड़ा हो ऐसी जगह तो सम्मान के साथ नाम लेना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि प्यार और सम्मान से नाम पुकारना भी बीवी या मियां की मोहब्बत को हासिल का अहम तरीक़ा है, जैसाकि पैग़म्बर स.अ. की हदीस भी है कि लोगों की मोहब्बत हासिल करने का एक तरीक़ा उनको अच्छे नाम और उनके पसंदीदा लक़ब से पुकारना है।
5. अधिकतर मर्द उस बीवी को ज़्यादा पसंद करते हैं जो अपने ज़ाहिरी रख रखाव का ख़ास ध्यान रखती हों और अल्लाह की दी गई ख़ूबसूरती की क़द्र करती हों, ध्यान रहे अगर औरत ख़ुद अपनी सुंदरता और ख़ूबसूरती की क़द्र न करते हुए लापरवाही करेगी तो उसका मियां भी उसकी ओर ध्यान नहीं देगा, इसीलिए मियां को आकर्षित करने के लिए जो ख़ूबसूरती अल्लाह ने उसे दी है उसकी क़द्र करते हुए अपने आप को मियां के लिए सजा संवार के रखे, दूसरी ओर औरत को अपनी तारीफ़ सुनना बहुत पसंद होता है, जैसे यह कि उसका मियां उससे कहे कि वह उसको कितना चाहता है उसके लिए क्या कर सकता है..... इसलिए मर्दों को अपने दिल में अपनी बीवी के लिए पाई जाने वाली मोहब्बत को ज़ाहिर करें।
6. मर्दों को इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए कि औरतों की भावनाएं मौसम, हालात और समय के हिसाब से बदलती रहती हैं, कभी बहुत ख़ुश कभी बहुत दुखी, कभी मायूस कभी उम्मीद के साथ, भावनाओं के बदलने कारण हार्मोन का बढ़ना और घटना भी हो सकता है, इसलिए मर्दों को औरतों की इस हालत को समझ कर उनका साथ देना चाहिए ताकि वह किसी भी परिस्थिति में ख़ुद को अकेला महसूस न करें।
7. औरतों को मर्द के घर आने पर विशेष कर जब किसी काम से थक के आ रहे हों किसी तरह की शिकायत नहीं करना चाहिए, क्योंकि मर्द थक कर जब घर जाता है यही सोंचते हुए जाता है कि घर जा कर आराम मिलेगा, और ऐसी परिस्थिति में हर तरह के ग़ैर ज़रूरी सवालों से भी परहेज़ करना चाहिए, औरतों को किसी भी तरह की शिकायत, फ़रमाइश, ज़रूरत और सवालों को उस समय के लिए बचा कर रखना चाहिए जिस समय मर्द हर तरह की उलझन, थकान और टेंशन से फ़्री हो।
8. मियां और बीवी को अपने आत्म सम्मान को हमेशा बचाए रखना चाहिए, क्योंकि अगर ख़ुद अपनी निगाह में अपमानित हो गए तो कभी दूसरे से अपने सम्मान की उम्मीद मत रखिएगा, उम्र ढ़लने के साथ इंसान फ़िज़िक्ली कमज़ोर रहता है लेकिन जो चीज़ उसे हमेशा मज़बूत बनाए रहती है वह ख़ुद इंसान की अपनी शख़्सियत है यानी अगर इंसान ने अपनी शख़्सियत को ऐसा बनाया कि जिससे उसकी ओर आकर्षित हुआ जा सके तो अगर वह जिस्मानी तौर पर कमज़ोर भी हो गया तब भी मियां और बीवी का आपसी रिश्ता मज़बूत रहेगा, और अगर मर्द या औरत की शख़्सियत हमेशा हर छोटी छोटी बात पर शिकायत के लिए पहचानी जाती हो तो ज़ाहिर है उम्र के साथ साथ उसकी शख़्सियत भी कमज़ोर होती रहेगी।
9. मर्द के लिए इस बात का भी ध्यान में रखना ज़रूरी है कि जब उनकी बीवी उनकी हर तरह की बात को सुनती और मानती हैं तो उनको नाराज़गी जताने का भी हक़ है, मियां और बीवी के बीच आपसी मतभेद और लड़ाई शुरू होने का सबसे बड़ा कारण औरतों की भावनाओं को न समझ पाना है, मर्द का कहना कि आख़िर क्यों नाराज़ हो? या इसमें नाराज़ होने वाली कौन सी बात है? केवल इतनी सी बात से ही औरत की भावनाओं और एहसास को ऐसी ठेस पहुंचेगी कि दोबारा वह अपनी भावनाओं को मियां के सामने कभी बयान नहीं करेंगी, क्योंकि औरतों के अंदर एक अहम आदत अपने दिल की बात शेयर करना पाई जाती है वह कैसे भी किसी से भी अपने दिल की बात ज़रूर शेयर करना चाहती हैं, और कभी कभी तो उनकी किसी किसी कही हुई चीज़ से ज़्यादा अहम उनके लिए उनकी बात को सुनना रहता है, इसलिए अगर मियां और बीवी के रिश्तों की मिठास को और बढ़ाना या बाक़ी रखना चाहते हैं तो उनकी बात को ध्यान से सुनें और अगर वह नाराज़गी जताएं तो उनकी नाराज़गी को सही ठहराते हुए अपनी नाराज़गी की तरह ही पेश आएं, और अगर आप अगर उनकी नाराज़गी से सहमत न भी हों तो केवल सुन लीजिए और उस समय कुछ भी न बोलिए बाद में किसी और समय सही समय और सही मौक़े पर बीवी को उसकी ग़लत बात की ओर ध्यान दिलाइए।
10. अगर आप अपनी बीवी को चाहते हैं उससे मोहब्बत करते हैं तो उसकी ओर पूरा ध्यान दे कर बात कीजिए, ऐसा न हो वह बात कर रही हो और आप न्यूज़ पेपर, टी वी, मोबाइल और लैपटाप में वयस्त हों, अल्लाह ने मियां और बीवी के रिश्ते को ऐसा मज़बूत और अटूट बनाया है कि यह दोनों केवल एक जुमले से एक दूसरे के दिल को जीत सकते हैं, जैसे केवल यही कह कर कि मुझे तुम से बहुत मोहब्बत है, या बीवी मियां से यह कह कर मियां की अहमियत कितनी उसके लिए है साबित कर सकती है कि मैं तुम्हारे पास होती हूं तो बहुत आराम और सुकून महसूस करती हूं या मुझे तुम पर पूरा भरोसा और तुम पर यक़ीन है।
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