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Code : 191623
Date of publication : 20/1/2018 15:50
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मक्का और मदीना के विकास और सुरक्षा पर ध्यान दें आले सऊद , हमे आदेश देना बंद करें : जॉर्डन

जॉर्डन नरेश ने कहा कि वह मक्का और मदीना की सही से देखभाल कर लें यही काफी है, हम हाशिमी हैं और रसूल अल्लाह के ख़ानदान के हैं तथा लगभग 900 साल से क़ुद्स की रक्षा करते चले आ रहे हैं ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के न्यूयॉर्क टाइम्स ने आले सऊद और जॉर्डन में चल रहे मनमुटाव के रहस्यों से पर्दा उठाते हुए कहा कि इस मनमुटाव का आरम्भ सऊदी अरब के अय्याश युवराज और जॉर्डन नरेश की मुलाक़ात के समय हुआ जब सऊदी युवराज ने जॉर्डन नरेश से मांग की कि वह क़ुद्स संकट पर इस्लामी राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में भाग न लें जिसे जॉर्डन नरेश ने ठुकरा दिया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार सऊदी युवराज और जॉर्डन के बादशाह अब्दुल्लाह की यह बैठक बहुत तनावपूर्ण थी यहाँ तक कि जॉर्डन नरेश इस बैठक को अधूरा छोड़कर अपने विशेष हवाई जहाज़ जॉर्डन के लिए रवाना हो गए । इस रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक मे बिन सलामन ने जॉर्डन नरेश से कहा कि क़ुद्स में स्थित ओक़ाफ़े इस्लामी की देखभाल आले सऊद को करना चाहिए जॉर्डन को नहीं, क्योंकि सऊदी अरब से ही इस्लाम का प्रचार प्रसार हुआ है जिस पर जॉर्डन नरेश ने कहा कि वह मक्का और मदीना की सही से देखभाल कर लें यही काफी है, हम हाशिमी हैं और रसूल अल्लाह के ख़ानदान के हैं तथा लगभग 900 साल से क़ुद्स की रक्षा करते चले आ रहे हैं । रिपोर्ट के अनुसार अब्दुल्लाह द्वितीय और बिन सलमान के बीच चल रही बैठक उस समय अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई जब बिन सलमान ने जॉर्डन को 3 अरब डॉलर की पेशकश करते हुए कहा कि जॉर्डन सेना को बहादुर और दिलेर होना चाहिए तथा उसे हमारे साथ यमन युद्ध में भाग लेना चाहिए बिन सलमान की बातों से आग बबूला हुए अब्दुल्लाह ने कहा कि हमारी सेना को बहादुरी का पाठ पढ़ाने की ज़रूरत नहीं है जब 1967 के युद्ध में क़ुद्स की एक एक गली में हमारी सेना अवैध राष्ट्र से लौहा ले रही थी आले सऊद कहाँ थे ? ज़ायोनी सेना ने 5 दिन में सभी अरब राष्ट्रों को पराजित कर दिया लेकिन 3 सप्ताह तक क़ुद्स में दाखिल नहीं हो सके रिपोर्ट के अनुसार शाह अब्दुल्लाह ने बिन सलमान को खरी खरी सुनाकर अपने दौरे और इस बैठक को अधूरा छोड़कर जॉर्डन वापस पलटना ही सही समझा ।
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