Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 191655
Date of publication : 21/1/2018 19:29
Hit : 255

अरब शासकों को नही फैसला लेने का अधिकार , लगाम किसी ओर के हाथ : फैसल अल क़ासिम

हमारे देश में सही सरकार और नेताओं के चयन में जो रुकावटें ड़ाल रहे हैं वह हमारे शासक नहीं हैं बल्कि वह साम्राज्यवादी शक्तियां हैं जो हमारे देश और नेताओं पर अधिकार जमाये हुए हैं ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रख्यात अरब चैनल अल जज़ीरा के वरिष्ठ एंकर पर्सन फैसल अल क़ासिम ने अरब देशों में लोगों की मुश्किलों के कारण बने लोगों और इन देशों के शासकों को लेकर कड़ा ट्वीट किया है । फैसल क़ासिम ने अपने ट्वीट में कहा कि आप यह विचार मत करना कि अरब शासक देश में जनतंत्र नहीं चाहते , किसी भी क़ीमत पर , उन्हें फैसला लेना का अधिकार ही नहीं है, बल्कि वह विदेशों में बैठे अपने आकाओं और मालिकों के इशारों पर नाच रहे हैं । हमारे देश में सही सरकार और नेताओं के चयन में जो रुकावटें ड़ाल रहे हैं वह हमारे शासक नहीं हैं बल्कि वह साम्राज्यवादी शक्तियां हैं जो हमारे देश और नेताओं पर अधिकार जमाये हुए हैं ।
..........................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी....