Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 191744
Date of publication : 25/1/2018 18:57
Hit : 351

मिडिल ईस्ट,

शिया - सुन्नी एकता ने इस्राईल समेत साम्राज्यवादी शक्तियों के होश उड़ाए।

इस्राईल के सुरक्षा व इंटैलीजेन्स मामलों के विशेषज्ञ यूसी मिलमैन ने कहा कि सीरिया में रूस की हमीमीम सैनिक छावनी पर हालिया ड्रोन हमला इस्राईल के लिए चिंता का विषय है क्योंकि हमास और हिज़्बुल्लाह इसी प्रकार के ड्रोन हमले कर सकते हैं। विशेषज्ञ ने आगे कहा कि ख़ुफ़िया रिपोर्टों से पता चलता है कि हिज़्बुल्लाह के पास मिरसाद और अबाबील नाम के सैकड़ों आधुनिक ड्रोन विमान हैं तथा हिज़्बुल्लाह कई बार इस्राईल के भीतर अपने ड्रोन विमान भेजने में कामयाब भी हो चुका है।

विलायत पोर्टल :   अवैध राष्ट्र इस्राईल सुन्नी सरकारों को ईरान से भयभीत करके उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश करता रहा है, इसके लिए ज़ायोनी सरकार अमेरिका के साथ मिल कर नित नई योजनाएं बनाती है लेकिन सच्चाई यह है कि उसे किसी हद तक अपनी इस योजना में सफलता तो मिली है साथ ही उसे विफलताओं का भी मुंह देखना पड़ा है। हमास फ़िलिस्तीन का सुन्नी संगठन है और हिज़्बुल्लाह लेबनान शिया, लेकिन दोनों ही संगठनों ने अपने इस्लामी संगठन और इस्लामी प्रतिरोधक मोर्चे का भाग होने पर ज़ोर दिया है और इसी को अपनी प्रमुख पहचान बनाया है। हालांकि सीरिया संकट के दौरान हमास और हिज्बुल्लाह के बीच मतभेद पैदा हुए लेकिन हिज़्बुल्लाह ने इस मामले में बड़ी समझदारी दिखाई और साफ़ साफ़ घोषणा कर दी कि यदि हमास से हमारी मुठभेड़ भी हुई और इस्राईल से लड़ने की बात आये तो हम हमास के साथ एक प्लेटफ़ार्म पर नज़र आएंगे। सीरिया संकट धीरे धीरे समाप्त होता जा रहा है और हमास ने भी अपनी भूल सुधारते हुए हिज्बुल्लाह और ईरान से अपने संबंधों को विस्तार दिया है।
इस्राईली मीडिया में यह ख़बर व्यापक रूप से चर्चा में है कि फ़िलिस्तीनी संगठन हमास ने हिज़्बुल्लाह लेबनान से समझौता किया है जिसके तहत हमास को दक्षिणी लेबनान में एक सैनिक छावनी बनाने की अनुमति मिली है,इस तरह इस्राईल के विरूध्द एक और मोर्चा खुलने जा रहा है। इस्राईली अख़बार यदीऊत अहारनूत ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि इस्राईल इस बदलाव को बड़ी चिंता की नज़र से देख रहा है और इसे रेड लाइन क्रास किए जाने की प्रक्रिया समझता है, इस्राईल के युध्दमंत्री लिबरमैन ने कहा कि इस्राईल हमास को कभी भी दक्षिणी लेबनान में नया मोर्चा खोलने की अनुमति नहीं देगा। लिबरमैन ने एक प्रकार से यह धमकी दी है कि वह सैनिक विकल्प अपना सकते हैं।
इस्राईली अख़बार का कहना है कि हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सय्यद हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण में लेबनान की सैदा घटना की ओर संकेत किया और कहा कि हमास के अधिकारी को निशाना बनाकर किए गए हमले में इस्राईल का हाथ है, सय्यद हसन नसरुल्लाह के इस बयान से साफ़ ज़ाहिर है कि हमास और हिज़्बुल्लाह के संबंध पूरी तरह समान्य हो चुके हैं और दोनों के बीच तालमेल अपने उच्चतम स्तर पर है। इस्राईल के सुरक्षा व इंटैलीजेन्स मामलों के विशेषज्ञ यूसी मिलमैन ने कहा कि सीरिया में रूस की हमीमीम सैनिक छावनी पर हालिया ड्रोन हमला इस्राईल के लिए चिंता का विषय है क्योंकि हमास और हिज़्बुल्लाह इसी प्रकार के ड्रोन हमले कर सकते हैं। विशेषज्ञ ने आगे कहा कि ख़ुफ़िया रिपोर्टों से पता चलता है कि हिज़्बुल्लाह के पास मिरसाद और अबाबील नाम के सैकड़ों आधुनिक ड्रोन विमान हैं तथा हिज़्बुल्लाह कई बार इस्राईल के भीतर अपने ड्रोन विमान भेजने में कामयाब भी हो चुका है।
ज़ायोनी विशेषज्ञों का कहना है कि ग़ज़्ज़ा में हमास ने ईरान और हिज़्बुल्लाह के इशारे और सहारे पर वायु शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं, वर्ष 2014 में तो इस्राईल की वायु रक्षा व्यवस्था ने हमास के कई ड्रोन विमान मार गिराए थे लेकिन उसके बाद हमास ने अपने ड्रोन विमानों पर बहुत अधिक काम किया। हमास ने इस्राईल के आयरन डॉम मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम को देखते हुए अपनी मिसाइल क्षमता के साथ-साथ ड्रोन ताक़त बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है । आयरन डॉम प्रणाली इस्राईल को सुरक्षित रखने में आंशिक रूप से ही सफल हुई है।
15 दिसम्बर सन 2016 को इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी ने ट्यूनेशिया में हमास संगठन के ड्रोन मामलों के सलाहकार मुहम्मद ज़वावी की हत्या कर दी थी जिन्होने हमास को ड़्रोन शक्ति बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी इन सबके बावजूद इस्राईल को अच्छी तरह पता है कि हमास अपनी वायु शक्ति तेज़ी से बढ़ा रहा है और हिज़्बुल्लाह से उसका सहयोग भी बढ़ता जा रहा है, अर्थात शिया-सुन्नी विवाद की आग भड़काने की साज़िश भी धीरे धीरे नाकाम हो रही है।
.....................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची