Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 194801
Date of publication : 2/8/2018 15:25
Hit : 860

ईरान जानता है ट्रम्प से कैसे निपटना है, अमेरिका से डरते हैं अरब देश : अब्दुल बारी अतवान

ट्रम्प ने ईरान के मुक़ाबले अरब नाटो और अरब - इस्राईल गठजोड़ का हौव्वा खड़ा किया लेकिन ईरान को डराने में नाकाम रहा, हाँ यमनी जियालों ने बाबुल मंदब में अमेरिका की कठपुतली सऊदी अरब के युद्धपोतों को निशाना बनाकर साम्राज्यवादी शक्तियों को यह सन्देश ज़रूर दे दिया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग और दुनिया भर की ज़रूरत का आधे से अधिक तेल जिस रास्ते से गुज़रता है वह ईरान और प्रतिरोधी आंदोलनों के अधीन है आज बाबुल मंदब है कल हुर्मुज़ जलडमरू भी हो सकता है।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार अरब जगत के विख्यात समाचार पत्र रायुल यौम के संपादक अब्दुल बारी अतवान ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी पर एक लेख लिखते हुए कहा है कि ट्रम्प को ईरानियों से बेहतर कोई नहीं समझ सका है।  ट्रम्प की वार्ता की पेशकश पर ईरान के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है बल्कि अन्य अधिकारियों ने ट्रम्प के बयान की धज्जियाँ उड़ा कर उसे परमाणु समझौते से निकलने की मूर्खता का अहसास करा दिया है । दुनिया के सबसे मुर्ख और क्रूर सत्ताधिकारी के रूप में पहचान बना चुका ट्रम्प अन्य देशों को धमकी के सहारे मेज़ की वार्ता तक लाने वाले के रूप में कुख्यात हो चुका है, जिसे राजनीती की कुछ समझ है ही नहीं, अगर ऐसा न होता तो वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने एक नौसिखिया नेता के रूप में न आता और उनके आगे सीरिया में अमेरिका द्वारा 70 अरब डॉलर खर्च कर ईरान , रूस , सीरिया और हिज़्बुल्लाह के मुक़ाबले पर नाकाम रहने का रोना न रोता।  ट्रम्प ने ईरान के मुक़ाबले अरब नाटो और अरब - इस्राईल गठजोड़ का हौव्वा खड़ा किया लेकिन ईरान को डराने में नाकाम रहा, हाँ यमनी जियालों ने बाबुल मंदब में अमेरिका की कठपुतली सऊदी अरब के युद्धपोतों को निशाना बनाकर साम्राज्यवादी शक्तियों को यह सन्देश ज़रूर दे दिया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग और दुनिया भर की ज़रूरत का आधे से अधिक तेल जिस रास्ते से गुज़रता है वह ईरान और प्रतिरोधी आंदोलनों के अधीन है आज बाबुल मंदब है कल हुर्मुज़ जलडमरू भी हो सकता है।  ट्रम्प केवल अरब के शासकों के लिए शेर है वह उनसे वसूली कर सकता है यह अरब शासक उस के इशारों पर नाच सकते हैं, उसे लगान और भारी भारी रक़म दे सकते हैं ताकि इन का ताज और सत्ता बची रही अगर अमेरिका न हो तो यह एक हफ्ते भी सत्ता में ना रह सकें, वहीँ ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने 8 बार ट्रम्प के मुलाक़ात के आग्रह को ठुकराया है यह कहते हुए कि जो आदमी अपने वादों और समझौतों का सम्मान नहीं करता वह भरोसे के लायक नहीं है वही बात जो आयतुल्लाह ख़ामेनई बार बार कहते रहे हैं कि अमेरिकी नेताओं से बात करना मतलब वक़्त की बर्बादी, और यही फ़र्क़ है ईरान के नेताओं और ट्रम्प से मुलाक़ात की बार बार भीख मांगने वाले अरब शासकों में !
.........................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

हिज़्बुल्लाह से हार के बाद जीत का मुंह देखने को तरस गया इस्राईल : ज़ायोनी मंत्री शौहर क्या करे कि घर जन्नत की मिसाल हो इस्राईल दहशत में, जौलान हाइट्स पर युद्ध छेड़ सकता है हिज़्बुल्लाह अय्याश सऊदी युवराज का दिमाग़ी संतुलन सही नहीं : लिंडसे ग्राहम ईरान प्रतिरोध का केंद्र और फिलिस्तीन का सच्चा समर्थक : सूर उलमा एसोसिएशन डूबते नेतन्याहू को ईरान परमाणु समझौते का सहारा ? सऊदी तानाशाह ने बोली इस्राईल की भाषा, ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को रोके विश्व समुदाय सऊदी अरब पर शिकंजा कसा, जर्मनी ने 18 सऊदी लोगों पर प्रतिबंध लगाया अफ़ग़ानिस्तान के अधिकांश भाग पर तालेबान का क़ब्ज़ा, अमेरिका ने हार मानी ख़ाशुक़जी हत्याकांड के केंद्र में आया "अंधेरों का राजकुमार " आले सऊद शांति चाहते हैं तो यमन जवाबी हमले रोकने को तैयार : अल हौसी आयतुल्लाह फ़ाज़िल लंकरानी र.ह. की ज़िंदगी पर एक निगाह इदलिब, दमिश्क़ ने आतंकी संगठनों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों पर फिर विचार करे अमेरिका : बर्नी सैंडर्स आंग सान सू ची के साथ बराक ओबामा से भी छीना जाए नोबेल शांति पुरस्कार