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Code : 195059
Date of publication : 20/8/2018 16:47
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अमेरिकी पादरी की सच्चाई सामने आई, निकला ख़ुफ़िया एजेंसी का क्रूर एजेंट ।

यह अमेरिकी पादरी अमेरिकन मरीन्ज़ के उस दस्ते में शामिल था जो अमेरिका की स्पेशल फ़ोर्स के साथ बग़दाद में घुसा था। इस दस्ते पर इराक़ की निजी और सार्वजनिक संपत्ति पर क़ब्ज़ा करने की ज़िम्मेदारी थी जिसमें इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम और इराक़ की महत्वपूर्ण धरोहरें शामिल थीं ।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर इन दिनों तुर्की में गिरफ़्तार अमेरिका के तथाकथित पादरी एंड्र्यू ब्रॉसनन की तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वह सैन्य वर्दी पहने सोने की ईंट लिए हुए है । यह तस्वीर इराक़ पर अमेरिकी सैन्य हमले के दौरान ली गई थी। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर के वायरल होते ही हंगामा मच गया और इस अमेरिकी पादरी पर सभी अपने विचार रख रहे हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा यह हो रही है कि यह पादरी अमेरिकी ख़ुफिया एजेन्सी का एजेन्ट है और ट्रम्प प्रशासन के लिए इतनी महत्वपूर्ण हस्ती है कि अमेरिका अपने एक महत्वपूर्ण घटक और नाटो सदस्य को छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प प्रशासन अपने पादरी की रिहाई की मांग कर रहा है जिसे तुर्की में आतंकियों से संबंध रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। तुर्की ने एंड्र्यू को रिहा करने से इन्कार कर दिया है। अमेरिका और तुर्की के संबंध, तुर्की की ओर से एंड्र्यू ब्रेन्सन को आतंकवाद के आरोप में गिरफ़्तार करने पर तनाव ग्रस्त हो गए हैं । वर्ष 2004 - 2010 के बीच की बात है जब यह अमेरिकी पादरी अमेरिकन मरीन्ज़ के उस दस्ते में शामिल था जो अमेरिका की स्पेशल फ़ोर्स के साथ बग़दाद में घुसा था। इस दस्ते पर इराक़ की निजी और सार्वजनिक संपत्ति पर क़ब्ज़ा करने की ज़िम्मेदारी थी जिसमें इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम और इराक़ की महत्वपूर्ण धरोहरें शामिल थी। अमेरिकी सरकार को इस बात का डर है कि हो सकता है कि तुर्की की ख़ुफ़िया एजेन्सी को ऐसी मालूमात हाथ लग जाये जिससे वह अमेरिका को परेशान कर सकते हों। तुर्क सरकार ने अमेरिकी पादरी पर जासूसी और कुर्दिस्तान वर्क्स पार्टी के हित में काम करने का आरोप लगाया है। एंड्र्यू की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिसमें वह इराक़ युद्ध के दौरान सेन्ट्रल बैंक में सोने की ईंट लिए दिखाई दे रहे हैं।
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