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Code : 195623
Date of publication : 7/10/2018 17:25
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भारत अमेरिका की धमकी और पाबंदी के बावजूद ईरान से तेल आयात जारी रखेगा

भारत की ईरान से करीब 2.5 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात की योजना है जो 2017-18 में आयातित 2.26 करोड़ टन से अधिक है। हालांकि, वास्तविक मात्रा कम हो सकती है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां पूरी तरह तेल खरीद बंद कर चुकी हैं
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत ने अमेरिकी पाबंदी के बावजूद ईरान से तेल व्यापार का स्पष्ट संकेत दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने ईरान से नवंबर के लिए 12.5 लाख टन कच्चे तेल के आयात के लिए अनुबंध किया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत और ईरान डॉलर की जगह रुपये में व्यापार की तैयारी कर रहे हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रो रसायन लि. (एमआरपीएल) ने नवंबर में ईरान से 12.5 लाख टन तेल आयत करने के लिए अनुबंध किया है। याद रह कि अमेरिका की ओर से 4 नवम्बर से ही ईरान के तेल निर्यात पर पाबंदी शुरू होगी हालाँकि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने पिछले महीने कहा था कि प्रतिबंध के मामले में कुछ छूट देने पर विचार किया जाएगा, लेकिन यह साफ किया कि यह सीमित अवधि के लिए होगी। सूत्रों के अनुसार, आईओसी ईरान से जो तेल आयात कर रहा है वह सामान्य है। उसने 2018-19 में 90 लाख टन ईरानी तेल के आयात की योजना बनाई थी। मासिक आधार पर यह 7.5 लाख टन बैठता है। ईरान पर अमेरिकी पाबंदी चार नवंबर से शुरू होगी। सूत्रों ने कहा कि भारत और ईरान चार नवंबर के बाद रुपये में व्यापार पर चर्चा कर रहे हैं। ईरान पहले भी तेल के लिये रुपये के रूप में भुगतान लेता रहा है। आईओसी और एमआरपीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल रिफाइनरी कंपनियां तेल आयात के लिए ईरान को भुगतान के लिए यूको बैंक या आईडीबीआई बैंक का उपयोग कर सकती हैं। भारत की ईरान से करीब 2.5 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात की योजना है जो 2017-18 में आयातित 2.26 करोड़ टन से अधिक है। हालांकि, वास्तविक मात्रा कम हो सकती है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां पूरी तरह तेल खरीद बंद कर चुकी हैं जबकि अन्य कुछ कंपनियां भी प्रतिबंधों के डर से खरीदारी का स्तर घटा रही हैं।
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