Friday - 2018 Oct 19
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 195658
Date of publication : 8/10/2018 9:13
Hit : 425

सऊदी अरब के लिए बहुत भारी पड़ेगी जमाल की हत्या, भारी क़ीमत वसूलेगा अमेरिका

सऊदी अरब एक तो तेल की क़ीमत कम करने की कोशिश करेगा, दूसरे रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदने का सौदा पूरी तरह रद्द कर देगा और अमेरिका से ख़रीदे गए हथियारों की क़ीमत का तत्काल भुगतान करेगा ताकि वह ट्रम्प के ग़ुस्से से ख़ुद को बचा सके।

विलायत पोर्टल : आले सऊद के आलोचक पत्रकार जमाल खाशुक़जी की तुर्की में स्थित सऊदी दूतावास में नृशंस हत्या और उनकी लाश के टुकड़े टुकड़े करने जैसे विभीत्स करतूत आले सऊद के लिए बहुत महंगी साबित होगी। 59 वर्षीय पत्रकार की संभावित हत्या की ख़बरों से जहां दुनिया भर में सऊदी अरब की बदनामी हो रही है, न्यूयार्क टाइम्स और वाशिंग्टन पोस्ट सहित सभी बड़े अंग्रेज़ी अख़बार तथा पूरा अरब मीडिया इस प्रकरण में सऊदी सरकार की नीयत पर गंभीर संदेह जता रहा है वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प बिल्कुल ख़ामोश हैं उन्होंने एक भी ट्वीट नहीं किया है। निश्चित रूप से ट्रम्प अपनी इस ख़ामोशी की क़ीमत सऊदी अरब से वसूलने में लगे हुए हैं। यदि ख़ाशुक़जी की हत्या की ख़बर की पुष्टि हो जाती है तो अमेरिकी मीडिया में सऊदी सरकार को बड़ी गंभीर आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी सीनेटरों और प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के बयान भी आने लगे हैं कि यदि हत्या की ख़बर सही है तो अमेरिका को सऊदी अरब से अपने संबंधों पर पुनर्विचार करना चाहिए। फ़्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर मार्को रूबियो ने ट्वीट किया कि यदि ख़ाशुक़जी की हत्या की ख़बर सही है तो अमेरिका को चाहिए कि सऊदी अरब को कठोर जवाब दे। उन्होंने आगे लिखा कि यदि यह ख़बर सही है तो मैं सीनेट में सभी विकल्पों को पेश करूंगा। सऊदी अरब को अच्छी तरह पता है कि ख़ाशुक़जी के मामले में ट्रम्प को ख़ामोश रखने की बड़ी क़ीमत अदा करनी पड़ेगी जो हाल ही में सऊदी अरब की कई बार बेइज़्ज़ती कर चुके हैं। जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब एक तो तेल की क़ीमत कम करने की कोशिश करेगा, दूसरे रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदने का सौदा पूरी तरह रद्द कर देगा और अमेरिका से ख़रीदे गए हथियारों की क़ीमत का तत्काल भुगतान करेगा ताकि वह ट्रम्प के ग़ुस्से से ख़ुद को बचा सके। सऊदी अरब के अय्याश क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को यह आशा भी होगी कि मीडिया से अकसर नाराज़ रहने वाले ट्रम्प को ख़ाशुक़जी की हत्या पर कुछ अधिक दुख नहीं होगा मगर फिर भी वह इस मामले में भी सऊदी अरब से भारी लगान और रक़म ऐंठने का प्रयास ज़रूर करेंगे। इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि इस मामले में अमेरिकी फ़ेडरल जांच एजेंसी एफ़बीआई भी जांच शुरू कर दे क्योंकि ख़ाशुक़जी अमेरिका में पढ़ाई कर चुके हैं और अमेरिका के विभिन्न हल्क़ों से उनके संबंध रहे हैं।
.......................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :