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Code : 197261
Date of publication : 29/12/2018 18:43
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तुर्की और सीरिया को आपस में भिड़ाने की अमेरिकी चाल कितनी कामयाब होगी ?

सीरियाई संकट की शुरूआत से ही सीरिया के इस इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने का सपना देख रहे तुर्की की चिंताएं उस समय और बढ़ गई जब मास्को ने सीरिया के इस क़दम का खुला समर्थन कर दिया ।
विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्दोग़ान से तथाकथित डील के बाद सीरिया के कुर्दों को तुर्की के रहमों करम पर छोड़ कर सीरिया से निकलने का ऐलान करने वाले अमेरिका की साज़िशों को नाकाम बनाते हुए दमिश्क़ ने क़ुर्दों के आह्वान पर जिस तेज़ी से मुंबज में अपनी सेना तैनात की है उसने अमेरिका और तुर्की की नींद उड़ा दी है । हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीरिया के इस इलाक़े से अपने सैनिकों को बाहर निकालने का ऐलान किया था, जिसके बाद तुर्की ने कहा था कि कुर्द लड़ाकों से निपटने के लिए वह इस इलाक़े में अपने सैनिक तैनात करेगा । तुर्की के इरादे देख कुर्दों ने दमिश्क़ सरकार से मदद का आग्रह किया, जिस पर तुरंत प्रतिक्रिया जताते हुए दमिश्क़ ने मुंबज की ओर अपनी सेना रवाना कर दी। शुक्रवार को सीरियाई सरकार ने ऐलान करते हुए कहा कि एक बार फिर सीरियन सेना ने मुंबज का निंयत्रण संभाल लिया है और सेना ने इस क्षेत्र मे राष्ट्रीय ध्वज लहरा दिया है। हालांकि तुर्की और अमेरिका, सीरियाई सैनिकों की मुंबज में तैनाती को केवल एक मनोवैज्ञानिक चाल बता रहे हैं और सीरिया के इस क़दम को पचा नहीं पा रहे हैं। उत्तरी सीरिया में कुर्द बहुल इलाक़े मुंबज में सीरियन सेना की तैनाती के बाद भी तुर्क सैनिकों की इस देश में घुसपैठ के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका और तुर्की ने सीरिया के कुर्द बहुल इलाक़े के बारे में अपनी नई रणनीति बनाते हुए दमिश्क़ की भूमिका को पूर्ण रूप से नज़र अंदाज़ कर दिया था। सीरिया ने अपनी संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए कुर्दों की मांग पर तुरंत एक्शन लिया, तो अंकारा और वाशिंगटन को अपनी इस भूल का अंदाज़ा हुआ। सीरियाई संकट की शुरूआत से ही सीरिया के इस इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने का सपना देख रहे तुर्की की चिंताएं उस समय और बढ़ गई जब मास्को ने सीरिया के इस क़दम का खुला समर्थन कर दिया । शनिवार को तुर्की क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने इस पूरे प्रकरण पर बातचीत के लिए अपने विदेश मंत्री मौलूद चावूश ओग़लो और रक्षा मंत्री हुलुसी अकार को मास्को भेजा है। 2011 के बाद से सीरिया संकट के समस्त महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर नज़र डालने से यह नतीजा निकालना मुश्किल नहीं है कि तुर्की को हर बार की तरह इस बार भी सीरिया में विफलता ही हाथ लगेगी। ..........................


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