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Code : 59420
Date of publication : 16/9/2014 14:31
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हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई

दाइश के बारें में अमेरिकी बयान खोखले हैं।

हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने दाइश से मुक़ाबले के लिये बनाये गये गठबंधन के गठन से संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के बयानों को खोखला और विशेष लक्ष्य के अंतर्गत दिये जाने वाले बयान बताया है



विलायत पोर्टलः ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने दाइश से मुक़ाबले के लिये बनाये गये गठबंधन के गठन से संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के बयानों को खोखला और विशेष लक्ष्य के अंतर्गत दिये जाने वाले बयान बताया है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने आज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद प्रेस काफ़्रेंस में दाइश से मुक़ाबले के लिये बनने वाले गठबंधन में ईरान की भागीदारी पर आधारित दावत से संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के दावों और व्यवहारों में पाए जाने वाले विरोधाभासों और झूठ के सबूत व साक्ष्य बयान करते हुए कहा कि इराक़ में जो कुछ हुआ और जिस चीज़ ने दाइश को हार का मज़ा चखाया वह अमेरिकियों का काम नहीं था बल्कि यह काम इराक की जनता, सेना और इराकी स्वंयसेवकों ने अंजाम दिया है और इस तथ्य को अमेरिकी अधिकारी तथा दाइश के आतंकवादी भी जानते हैं। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने अमेरिकी विदेश मंत्री और अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उन बयानों की ओर इशारा करते हुए जिसमें साफ़ तौर पर उन्होंने कहा है कि दाइश से मुक़ाबले के सम्बंध में ईरान को आमंत्रित नहीं करेंगे, कहा कि अमेरिका का एक ग़लत सामूहिक काम के सिलसिले में ईरान से निराश होना हमारे लिये गौरव की बात है। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने फ़रमाया कि इराक़ पर दाइश हमले के दौरान इराक़ में तैनात अमेरिकी राजदूत ने ईरान के राजदूत से दाइश के बारे में बातचीत और तालमेल के लिये एक बैठक बुलाने का आग्रह किया था जिसको मैंने रद्द कर दिया और कहा था कि इस समस्या में ईरान अमेरिका के साथ सहयोग नहीं करेगा क्योंकि अमेरिकियों की नीयत और हाथ दोनों ही दूषित और लथड़े हुए हैं। इस स्थिति में ईरान का अमेरिका के साथ सहयोग करना कैसे संभव है??? ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने अमेरिकी विदेश मंत्री के कुछ दिन पहले के इस बयान की ओर इशारा करते हुए कि ईरान को दाइश विरोधी गठबंधन में शामिल होने की दावत नहीं दी जाएगी, कहा कि यह बयान ऐसी हालत में सामने आया है कि इसी अमेरिकी विदेशमंत्री ने इससे कुछ दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री से दाइश से मुक़ाबला करने के लिये सहयोग की अपील की थी। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने इस बात पर बल देते हुए कि दाइश पर इराक़ी सेना और स्वयंसेवकों की कार्यवाहियां जारी रहेंगी, कहा कि सच्चाई यह है कि अमेरिकी ऐसे बहाने ढ़ूंढ़ रहे हैं जिसकी वजह से वह इराक और सीरिया में भी वही काम कर सकें जो पाकिस्तान में कर रहे हैं, वह पाकिस्तान में लोकतंत्र सरकार और मजबूत सेना होने के बावजूद बिना अनुमति के इस देश में जाते हैं और विभिन्न क्षेत्रों पर बमबारी करते हैं। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने अस्पताल डिस्चार्ज होने के बाद बाहर निकलते समय सभी लोगों, अस्पताल के कर्मचारियों और मेडिकल स्टाफ को धन्यवाद दिया और उनकी मेहनतों की सराहना की। ग़ौरतलब है कि हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई प्रोस्टेट रोग में ग्रस्त थे जिसके कारण वह पिछले सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे जहां उनका सफल ऑपरेशन किया गया था और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद आज वह अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं।


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