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Date of publication : 17/9/2014 21:56
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बहरैन की मस्जिदों में नमाज़े जुमा के ख़ुतबों पर प्रतिबंध।

ऑले ख़लीफा सरकार की पुलिस ने ऐलान किया है कि बहरैन के दो प्रमुख मौलानाओं, कामिल हाशमी और आदिल अलहम्द को आज के बाद से मस्जिद में नमाज़े जुमा के ख़ुत्बे देने का अधिकार नहीं है।


विलायत पोर्टलः रिपोर्ट के अनुसार ऑले ख़लीफा सरकार की पुलिस ने ऐलान किया है कि बहरैन के दो प्रमुख मौलानाओं, कामिल हाशमी और आदिल अलहम्द को आज के बाद से मस्जिद में नमाज़े जुमा के ख़ुत्बे देने का अधिकार नहीं है। इस बीच बहरैन के अलविफ़ाक़ इस्लामी संगठन ने ऑले ख़लीफा सरकार की ओर से बयान की स्वतंत्रता के हवाले से लगाये जाने वाले प्रतिबंध की ओर इशारा करते हुए ताकीद की कि आले ख़लीफा सरकार, स्वतंत्रता का कड़ा विरोध करने के साथ साथ, बहरैनी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संस्थानों को भी निशाना बनाने पर उतर आई है। अलविफ़ाक़ इस्लामी संगठन ने कहा है कि आले ख़लीफा सरकार जनता की स्वतंत्रता के दमन के साथ साथ देश में घुटन के माहौल को हवा दे रही है और देश को सैनिक छावनी में तब्दील किया जा रहा है।


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