Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 59932
Date of publication : 23/9/2014 20:15
Hit : 543

अमेरिका अपनी हथियार इंडस्ट्री के फायदे के लिए दाइश का उपयोग कर रहा है।

अमेरिका के एक प्रमुख विश्लेषक और परमाणु हथियार के खिलाफ़ ग्लोबल नेटवर्क के क्वार्डनेटर “ब्रूस गेगनन” ने कहा है कि अमेरिका अपनी हथियार इंडस्ट्री के फायदे और इराक में तेल भंडार पर नियंत्रण जारी रखने के लिए दाइश के जोखिम का शोषण कर रहा है


विलायत पोर्टलः एक प्रमुख अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका अपनी हथियार इंडस्ट्री के फायदे के लिए दाइश के जोखिम का शोषण कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के एक प्रमुख विश्लेषक और परमाणु हथियार के खिलाफ़ ग्लोबल नेटवर्क के क्वार्डनेटर “ब्रूस गेगनन” ने कहा है कि अमेरिका अपनी हथियार इंडस्ट्री के फायदे और इराक में तेल भंडार पर नियंत्रण जारी रखने के लिए दाइश के जोखिम का शोषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि दाइश आतंकवादियों ने ओबामा प्रशासन को क्षेत्र के तेल संसाधनों पर क़ाबू जारी रखने के लिए एक अच्छा अवसर दिया है और अमेरिका के टैक्स डालरों को हथियार निगमों के बैंक खातों में जमा होने के लिए भी मार्ग प्रशस्त किया है। गेगनन ने कहा कि चूंकि अब इराक़ और अफ़गानिस्तान में जंग ख़त्म हो चुकी थी और वहां दुश्मनों का अंत हो गया था इसलिए दाइश के वुजूद ने हथियार कंपनियों को जीवित रहने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बहुत से अमेरिकियों का मानना है कि दाइश अमेरिका के लिए खतरा नहीं है क्योंकि उनका मानना है कि दाइश को अमेरिका और उसके चेलों ने ही बनाया है और हर उनकी हर संभव सहायता भी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया में दाइश के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इराक और सीरिया में दाइश के ठिकानों पर हवाई हमले की अनुमति दी है और बीच अगस्त से अमेरिका ने इराक में दाइश के ठिकानों पर 174 हमले किए हैं।


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची