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Code : 61354
Date of publication : 18/10/2014 23:54
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संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को सीरिया का खुला पत्र।

सीरिया के विदेश मंत्रालय की ओर से लिखे गए उन पत्रों में कहा गया है कि सीरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पिछले चार साल के दौरान कई बार इन आतंकवादियों के खतरों के बारे में चेतावनी दी है जो देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।


विलायत पोर्टलः रिपोर्ट के अनुसार सीरिया के विदेश मंत्रालय की ओर से लिखे गए उन पत्रों में कहा गया है कि सीरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पिछले चार साल के दौरान कई बार इन आतंकवादियों के खतरों के बारे में चेतावनी दी है जो देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने अपने पत्र में लिखा है कि दमिश्क सरकार ने आतंकवादी संगठनों के समर्थक के रूप में विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप पर आधारित नीतियों के बारे में भी कई बार चेतावनी दी है।

सीरिया ने कहा है कि इन सरकारों ने जिनमें तुर्की की सरकार भी शामिल है, कुछ राजनीतिक हित पूरे करने के लिए आतंकवादी संगठनों का सहारा लिया और यह सच्चाई बाद में कई देशों के उच्च अधिकारियों की ज़बान से भी बयान की गई।

सीरिया की विदेश मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि तुर्की और अन्य देशों से आतंकवादी संगठनों का समर्थन, सीरिया संकट के लम्बे होने और अधिक जानी व माली नुकसान का कारण बना है।

पत्र में कहा गया है कि संकट शुरू होने के समय से ही तुर्की ने सीरिया की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध कार्यवाहियां कीं और आतंकवादी संगठनों की राजनीतिक, आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद की और उन संगठनों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध किए।

पत्र में कहा गया है कि तुर्की उस आतंकवाद का अड्डा बन गया है जो सीरिया और इराक़ पर हमले कर रहे हैं और क्षेत्र के अन्य देशों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। पत्र के अनुसार कूबानी शहर पर जो हमला हुआ वह तुर्की और आतंकवादी समूह दाइश के बीच गहरे संबंध का स्पष्ट उदाहरण है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि सीरिया में बफ़र जोन स्थापित करने की तुर्की की कोशिशें संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र और अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है जिसमें देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान किए जाने पर जोर दिया गया है।


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