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Date of publication : 21/10/2014 23:10
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सुप्रीम लीडर ने आयतुल्लाह महदवी कनी के निधन पर संवेदना व्यक्त की।

स्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने महान आलिम मुजाहिद, हज़रत आयतुल्लाह महदवी कनी र.ह के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुये अपने संदेश में देश के सभी प्रमुख क्षेत्रों में हज़रत इमाम खुमैनी र.ह के वफ़ादार और सच्चे दोस्त की बहादुराना भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सदाचारी आलिमे दीन हर जगह और हर समय एक आलिमे दीन, एक सच्चे राजनेता और एक क्रांतिकारी के रूप में प्रकट हुए और हाल के वर्षों की सभी घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



विलायत पोर्टलः इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने महान आलिम मुजाहिद, हज़रत आयतुल्लाह महदवी कनी र.ह के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुये अपने संदेश में देश के सभी प्रमुख क्षेत्रों में हज़रत इमाम खुमैनी र.ह के वफ़ादार और सच्चे दोस्त की बहादुराना भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सदाचारी आलिमे दीन हर जगह और हर समय एक आलिमे दीन, एक सच्चे राजनेता और एक क्रांतिकारी के रूप में प्रकट हुए और हाल के वर्षों की सभी घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर का संदेश इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर् रहमानिर् रहीम
अफ़सोस और दुख के साथ हमें सूचना मिली कि बुज़ुर्ग आलिमे दीन मुजाहिद, हज़रत आयतुल्लाह हाज शेख़ मोहम्मद रेज़ा महदवी कनी रिजवानुल्लाह तआला अलैहे ने इस मिट जाने वाले जहान को विदा कहकर अपने दोस्तों और अनुयायियों को शोक और दुख में डाल दिया है, यह बुज़ुर्ग आलिमे दीन इस्लामी इंक़ेलाब के पहली पंक्ति के मुजाहेदीन, प्रभावी हस्ती, इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था के वफ़ादार दोस्तों और हज़रत इमाम खुमैनी र.ह के सच्चे, अभिमानी और वफादार साथियों में से थे और उन्होंने इंक़ेलाब के दौरान देश के सभी प्रमुख क्षेत्रों में अपने शुजाआना अंदाज़ और स्पष्ट व साफ़ भूमिका निभाई। क्रांतिकारी परिषद की सदस्यता, इसके बाद इस्लामी व्यवस्था के गठन की शुरुआत में क्रांतिकारी समितियों के गठन से लेकर गृह मंत्रालय के सर्वोच्च पदों को इस्लामी रिपब्लिक के सख़्त दौर में स्वीकार किया इसी तरह उन्होंने इल्म और ज्ञान के विकास में भी काफी काम अंजाम दिया।
और मोमिन और नेक जवानों की शिक्षा और प्रशिक्षण, इमाम सादिक़ (अ) विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर तेहरान के इमामे जुमा के पदों पर पदासीन रहे और अनंततः ख़ुबरेगान परिषद के प्रमुख के पद पर नियुक्त हुए।
हर जगह और हर समय स्वर्गीय मौलाना ने एक आलिमे दीन, एक राजनीतिज्ञ और एक क्रांतिकारी के रूप में अपने स्पष्ट पक्ष को बयान कर दिया और कभी भी व्यक्तिगत, पार्टीबाज़ी और क़बाइली भावनाओं से अपनी व्यापक गतिविधियों को प्रभावित नहीं होने दिया।
इस बुज़ुर्ग आलिमे दीन अपने भारी व्यक्तित्व से हाल के वर्षों की सभी घटनाओं में हमेशा सत्य और वास्तविकता का पक्ष लिया और इस्लामी सिस्टम की रक्षा में किसी भी प्रयास से पीछे नहीं हटे, उनकी पाक रूह पर अल्लाह तआला की रहमत नाज़िल हो।
मैं स्वर्गीय मौलाना के प्रतिष्ठित परिवार और उनके भाई, ईरानी जनता, उल्मा और उनके सभी शागिर्दों और दोस्तों को दिल की गहराई से संवेदना देता हूं और अल्लाह की बारगाह से उनके बुलंद स्थान के लिए दुआ करता हूँ।
सैयद अली ख़ामेनई
21.10.2014


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