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Code : 64681
Date of publication : 16/12/2014 7:48
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अमेरिकी राजनीतिक टीकाकार

आतंकवाद के खिलाफ़, अमेरिकी जंग वास्तव में इस्राईली दुश्मनों के खिलाफ़ लड़ाई है।

अमेरिका के एक राजनीतिक टीकाकार ने कहा है कि आतंकवादियों के खिलाफ़ तथाकथित अमेरिकी जंग दरअसल इस्राईल के दुश्मनों के खिलाफ जंग है।



विलायत पोर्टलः अमेरिका के एक राजनीतिक टीकाकार ने कहा है कि आतंकवादियों के खिलाफ़ तथाकथित अमेरिकी जंग दरअसल इस्राईल के दुश्मनों के खिलाफ जंग है।
रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी राजनीतिक टीकाकार “केविन बैरेट” ने प्रेस टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ़ अमेरिका की तथाकथित जंग वास्तव में इस्राईल के दुश्मनों के खिलाफ़ लड़ाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने देश के टैक्स देने वालों के 350 मिलियन डॉलर इस्राईल को आएरन डोम मिसाइल सिस्टम के निर्माण के लिए उपलब्ध कराये हैं जिससे एक बार फिर यह बात स्पष्ट हो जाती है कि अमेरिका इस्राईल का गुलाम है।
उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के व्यापक खर्चे का एक छोटा सा हिस्सा है जो अमेरिका इस्राईल के हवाले कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जो बाइडेन के अनुसार अमेरिका ने 2008 के बाद इस्राईल की सैन्य सहायता के लिए डायरेक्ट 17 अरब डॉलर उपलब्ध कराये हैं और अमेरिका प्रति दिन इस्राईल को 8.5 करोड़ डॉलर उपलब्ध कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस्राईल को सैन्य सहायता प्रदान करने के खिलाफ़ देश भर में बहुत से प्रदर्शन हुए हैं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमेरिकी नागरिक जो टैक्स दे रहे हैं उसको फिलिस्तीनियों के खिलाफ़ इस्राईली आक्रामकता के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। बैरेट ने कहा कि जो पैसा और हथियार अमेरिका इस छोटे से देश जिसकी आबादी केवल दस लाख है पर फाल्तू में खर्च कर रहा है उससे केवल मुसीबतें ही पैदा हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस्राईल के लिए अमेरिकी समर्थन दुनिया भर में अमेरिका के खिलाफ नफरत पैदा कर रही है जिसने अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ़ तथाकथित जंग में झोंक दिया है जो कि वास्तव में इस्राईल के दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने कहा कि उसकी शुरुआत 2001 के अमेरिका में इस्राईली हमले से की गई जिसमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और अमेरिका के सैनिक हेड क्वार्टर “पेंटागन” को विस्फोट से उड़ा दिया गया था और मुसलमान आतंकवादियों को दोषी ठहराया गया था।
ग़ौरतलब है कि उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों का आरोप अलक़ायदा पर लगाया था लेकिनबहुत से विश्लेषकों ने उस समय उसे एक झूठा आप्रेशन बताया था और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के प्रशासन के कुछ बदमाश तत्वों ने उस समय इस्राईली एजेंडे और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 9.11 के हमलों का नाटक रचाया था।


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