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کد خبر : 77249
تاریخ انتشار : 20/6/2015 5:10
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नजरान को सऊदी अरब से आज़ाद कराने के लिए अभियान शुरू

नजरान के ‘याम और वलद’ क़बीले, सऊदी अरब से इस इलाक़े को अलग करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।


विलायत पोर्टलः नजरान के ‘याम और वलद’ क़बीले, सऊदी अरब से इस इलाक़े को अलग करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। इन दोनों क़बीलों के सरदारों ने नजरान प्रांत को सऊदी अरब से आज़ाद कराने के अभियान को तेज़ करने पर ज़ोर दिया है। शेख़ अब्दुल्लाह फ़ौज़ी अकरम ने ज़ोर देकर कहा कि नजरान के क़बीले पवित्र रमज़ान के शुरु में अपनी संयुक्त बैठक में एक बार फिर सऊदी सरकार से अलग होने का अहद लेंगे। इत्तेजाह प्रेस के अनुसार, शेख़ अकरम ने कहा, “सऊदी सेना नजरान पर मीज़ाईल से हमले कर रही है और इसका झूठा इल्ज़ाम यमनियों पर लगा रही है।” उन्होंने कहा कि नजरान के दक्षिणी इलाक़े के कुछ क़बीले सऊदी अरब के ज़ुल्म से निपटने के लिए यमनी सेना के साथ हो गए हैं। दक्षिणी सऊदी अरब के बड़े क़बीले के सरदार ने बल दिया कि नजरान का सऊदी अरब की केन्द्रीय सरकार से अलग होना निश्चित है और यह होकर रहेगा। दूसरी ओर यूनिसेफ़ ने यमन पर सऊदी अरब के 26 मार्च से जारी अतिक्रमण में सैकड़ों यमनी बच्चों के शहीद होने की रिपोर्ट दी है। यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के सिर्फ़ दस दिनों के हमलों में जितने बच्चे शहीद हुए हैं, उनकी संख्या दुनिया के विभिन्न इलाक़ों में एक साल के दौरान हिंसा में मारे जाने वाले बच्चों की संख्या से चार गुना ज़्यादा है। यूनिसेफ़ ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अब तक यमन पर सऊदी अरब के ज़ुल्म में 279 बच्चे मारे गए हैं। इन हमलों में बच जाने वाले बच्चों को जो भयानक नुक़सान पहुंचा है उसकी तो बात ही अलग है।
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तेहरान रेडियो


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