हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 77256
تاریخ انتشار : 20/6/2015 5:44
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आतंकवाद अपने समर्थकों को भी नुक़सान पहुंचायेगा।

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति ने इलाक़े में आतंकवाद और आतंकवादियों की बढ़ती हुई तादाद का उल्लेख करते हुए कहा है कि इलाक़े के सभी देश, आतंकवाद की समस्या में गिरफ़्तार हैं क्योंकि आतंकवादियों की कार्यवाहियां किसी भी देश के हित में नहीं हैं और वास्तव में आतंकवाद, इलाक़े के तरक़्की और इलाक़ाई देशों के बीच संबंध बढ़ाने की राह में बहुत बड़ी अड़चन है।


विलायत पोर्टलः राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि आतंकवाद किसी भी देश के हित में नहीं है। इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति ने इलाक़े में आतंकवाद और आतंकवादियों की बढ़ती हुई तादाद का उल्लेख करते हुए कहा है कि इलाक़े के सभी देश, आतंकवाद की समस्या में गिरफ़्तार हैं क्योंकि आतंकवादियों की कार्यवाहियां किसी भी देश के हित में नहीं हैं और वास्तव में आतंकवाद, इलाक़े के तरक़्की और इलाक़ाई देशों के बीच संबंध बढ़ाने की राह में बहुत बड़ी अड़चन है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने क़तर के नरेश के टेलीफोन का जवाब देते हुए कहा कि इलाक़े में शांति के लिए इलाक़ाई देशों के बीच सहयोग आवश्यक है और रमज़ान का महीना, मुसलमानों के बीच एकता व भाईचारे में वृद्धि का बेहतरीन वक़्त है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने युद्ध ग्रस्त इलाक़ों ख़ासकर यमन के मज़लूमों की मदद पर ज़ोर दिया और कहा कि इलाक़ाई समस्याओं के हल और मज़लूमों की मदद के लिए सभी देशों को एकजुट होना चाहिए। इस टेलीफोनी बात चीत में क़तर के नरेश शेख तमीम ने ईरानी राष्ट्रपति को रमज़ान महीने की बधाई दी और कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान के साथ हमारे संबंध पुराने, तारीख़ी और मज़बूत हैं और हम इन संबंधों में और ज़्यादा विस्तार चाहते हैं। क़तर के नरेश शेख़ तमीम बिन हमद आले सानी ने कहा कि यह मुमकिन है कि कुछ मुद्दों में वैचारिक मतभेद हों लेकिन दोनों देश, मित्र, भाई और पड़ोसी हैं और उन्हें मुश्किलों को हल करना चाहिए। शेख तमीम ने इलाक़ाई समस्याओं के हल में इस्लामी रिपब्लिक ईरान की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि ईरान इलाक़े में शांति स्थापना में अत्याधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और रमज़ान के महीने में हमारा कर्तव्य है कि हम इलाक़े में शांति क़ायम करने की कोशिश करें और इलाक़ाई समस्याओं ख़ासकर यमन, इराक और सीरिया में झड़पों के बजाए, बातचीत को ज़रिया बनाया जा सकता है।
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तेहरान रेडियो


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