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کد خبر : 77320
تاریخ انتشار : 20/6/2015 4:19
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यमनी जियालों ने मार गिराए दसियों इस्राईली सैनिक

अमरीकी सूत्रों ने सऊदी अरब की फ़ौजी छावनी में दसियों सऊदी और इस्राइली अधिकारियों के मारे जाने की ख़बर दी है।


विलायत पोर्टलः अमरीकी सूत्रों ने सऊदी अरब की फ़ौजी छावनी में दसियों सऊदी और इस्राइली अधिकारियों के मारे जाने की ख़बर दी है। अमरीकी मैग्ज़ीन वेटरन्ज़ के अनुसार, सऊदी अरब के असीर प्रांत में ख़ालिद बिन अब्दुल अज़ीज़ हवाई छावनी पर लंबी दूरी के स्कड मीज़ाईल लगने से लगभग 20 इस्राईली फ़ौज अधिकारी और 60 से ज़्यादा सऊदी अधिकारी व फ़ौजी मारे गए जिनमें सऊदी अरब की वायु सेना का कमान्डर मुहम्मद शअलान भी शामिल है। ज्ञात रहे कि असीर प्रांत 1934 तक यमन का हिस्सा था और इसी साल सऊदी अरब ने असीर सहित यमन के तीन प्रांतों पर क़ब्ज़ा कर लिया था। इस अमरीकी मैग्ज़ीन के अनुसार, इस्राईली सैन्य अधिकारी, सऊदी अरब की सबसे बड़ी हवाई छावनी ख़ालिद बिन अब्दुल अज़ीज़ में सऊदी सैनिकों की मदद के लिए तैनात किए गए थे। ये अधिकारी यमन के विभिन्न इलाक़ों पर इस्राईल के ज़रिए बनाए गए प्रतिबंधित हथियारों से हमले की योजना बनाने में मदद करते थे। यमन संकट ने सऊदी अरब-इस्राईल के बीच गुप्त गठजोड़ को पहले से ज़्यादा रौशन कर दिया है और इसे कलंकित गठजोड़ कहा जाता है। यमन पर सऊदी अरब के 26 मार्च से जारी ज़ालिमाना हमले के जवाब में पहली बार यमनी सेना ने 6 जून को सऊदी अरब के 150 किलोमीटर भीतर असीर प्रांत में स्थित ख़ालिद बिन अब्दुल अज़ीज़ हवाई छावनी को स्कड मीज़ाईल ने निशाना बनाया था। आले सऊद शासन मध्यपूर्व में पश्चिम और ख़ास तौर पर पश्चिम का ख़ास घटक है और इस्राईल से संबंध के विषय को आधार बनाकर पश्चिम से अपनी सुरक्षा की गारेन्टी लेता है।
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तेहरान रेडियो


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