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کد خبر : 77373
تاریخ انتشار : 21/6/2015 4:43
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फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर इस्राईल अपना क़ब्ज़ा बंद करे

फ़्रांस के विदेश मंत्री ने इस्राईल द्वारा नाजाएज़ कालोनियों के निर्माण को फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच सहमति के रास्ते में रुकावट बताया।


विलायत पोर्टलः फ़्रांस के विदेश मंत्री ने इस्राईल द्वारा नाजाएज़ कालोनियों के निर्माण को फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच सहमति के रास्ते में रुकावट बताया। इसके साथ ही उन्होंने फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच बातचीत शुरु होने की अपील की। लॉरेन फ़ैबियस ने शनिवार को क़ाहेरा में पत्रकारों से कहा कि बातचीत का फिर से शुरु होना बहुत ज़रूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि जब तक तेल अवीव सरकार फ़िलिस्तीनियों की ज़मीनों को ग़ैर क़ानूनी ढंग से हथियाना जारी रखेगी, इस संकट का हल निकालने की उम्मीद कम से कम होती जाएगी। फ़्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों को आधिकारिक तरीक़े से क़बूल किया जाना ज़रूरी है क्योंकि इसाफ़ के बिना अमन मुमकिन नहीं है। उन्होंने यह बयान ऐसी हालत में दिया है कि पिछले साल फ़्रांसीसी सांसद, फ़िलिस्तीन को एक देश के रूप में क़बूल किए जाने के प्रस्ताव को बहुमत से मंज़ूर कर चुके हैं। फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच पिछली बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गयी थी। तेल अवीव शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों की हड़पी हुई ज़मीनों पर ग़ैर क़ानूनी कॉलोनियों का निर्माण और फ़िलिस्तीनी बंदियों की रिहाई का विरोध, वे प्वाइंट थे जो पिछली बातचीत के किसी नतीजे तक ना पहुंचने की वजह बने थे। संयुक्त राष्ट्र संघ सहित दुनिया के बहुत से देश, ज़ायोनी शासन द्वारा कॉलोनियों के निर्माण को ग़ैर क़ानूनी मानते हैं क्योंकि यह शासन जिन ज़मीनों पर कॉलोनियों बना रहा है वह फ़िलिस्तीनियों की ज़मीनें हैं जिस पर उसने 1967 की लड़ाई में क़ब्ज़ा किया था और जनेवा कन्वेन्शन के अनुसार, अतिग्रहित ज़मीनों पर अतिग्रहणकारी की तरफ़ से किसी भी तरह का निर्माण मना हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, आईएसआईएल मस्जिदों, पब्लिक स्थलों, और उन स्थानों से बच्चों और नौजवानों का अपहरण करता है जहां वह लोगों को सरे आम फांसी देता है या कोड़े मारने के साथ साथ कई तरह की बुरी और गन्दी सज़ाए देता है। इराक़ में आईएसआईएल के हमले जून 2014 में शुरु हुए। इस गुट ने इराक़ के केन्द्रीय भाग की ओर बढ़ने से पहले, मूसिल पर क़ब्ज़ा किया। आईएसआईएल के आतंकवादियों ने इसी तरह इराक़ में आतंकवादी हमले शुरु करने से पहले सीरिया के कुछ हिस्से पर क़ब्ज़ा किया। इराक़ी सैनिक, पुलिस, कुर्द फ़ौज और शीया तथा सुन्नी संप्रदाय के स्वयंसेवी, इराक़ से आईएसआईएल को निकालने के लिए पूरी तरह से कार्यवाही कर रहे हैं।
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तेहरान रेडियो


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