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Date of publication : 11/7/2015 19:6
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मौलाना जवाद

शिया-सुन्नी एकता इस्राईल और अमरीका की मौतः मौलाना जवाद

मजलिसे उलमाये हिन्द के ज़रिए आयोजित भारत के मुख़तलिफ़ राज्यों के अनेक शहरों में अन्तर्राष्ट्रीय क़ुद्दस दिवस के मौक़े पर अमरीका और इस्राईल के ख़िलाफ़ मुज़ाहिरा किया गया।

विलायत पोर्टलःमजलिसे उलमाये हिन्द के ज़रिए आयोजित भारत के मुख़तलिफ़ राज्यों के अनेक शहरों में अन्तर्राष्ट्रीय क़ुद्दस दिवस के मौक़े पर अमरीका और इस्राईल के ख़िलाफ़ मुज़ाहिरा किया गया। मजलिसे उलमाये हिन्द के ज़रिए आयोजित 10 जुलाई 2015 को नमाज़े जुमा के बाद लखनऊ में बड़े इमामबाड़े पर अन्तर्राष्ट्रीय क़ुद्दस दिवस मनाया गया, जिसमें हज़ारों मुसलमानों ने हिस्सा लिया। मुसलमानों ने अपने पहले क़िबले बैतुल मुक़द्दस की हिफ़ाज़त और मस्जिदे अक़्सा की आज़ादी के लिए अमरीका और इस्राईल के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त मुज़ाहिरा किया। साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जारी आतंकवाद की भी कड़ी निंदा की। जुमे की नमाज़ के बाद बड़ी तादाद में मुज़ाहिरा करने वाले, इस्राईल और अमरीका के ख़िलाफ़ लिखे हुए प्लेकार्ड और बैनर हाथों में लिए हुए जुलूस के रूप में बड़े इमामबाड़े के मेन दरवाज़े पर पहुंचे। मुज़ाहिरा करने वाले अमरीका, इस्राईल और सऊदी अरब के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे। इस मौक़े पर भारत के सीनियर शिया धर्मगुरू और इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जव्वाद नक़वी ने मुज़ाहिरा करने वालों को मुख़ातिब करते हुए इस बात पर अफ़सूस किया कि आज पूरी दुनिया में मुसलमानों का क़त्ले आम हो रहा है जिस पर दुनिया भर के मानवअधिकार संगठन चुप्पी साधे हुए हैं। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि शिया व सुन्नी दोनों ही अमरीका, इस्राईल और तकफ़ीरी वहाबी गिरोहों के आतंकवाद का शिकार हैं। मौलाना ने कहा कि हम अन्तर्राष्ट्रीय क़ुद्दस दिवस इसलिए मनाते हैं ताकि मज़लूमों का साथ दिया जाए और ज़ुल्म की ख़िलाफवर्ज़ी की जाए। मौलाना ने कहा कि वह शिया हो ही नहीं सकता जो ज़ुल्म पर चुप रहे, उन्होंने कहा कि शिया हमेशा ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़ा होता है और मज़लूम का साथी होता है। इमामे जुमा लखनऊ ने ज़ोर देकर कहा कि मुसलमानों की एकता ही इस्राईल और अमरीका की मौत है। मौलाना कल्बे जव्वाद नक़वी ने कहा कि शिया व सुन्नी अगर आलमी पैमाने पर एकजुट हो जाएं तो इस्राईल और अमरीका दम तोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम दुश्मन ताक़तों की पूरी कोशिश यही होती है कि मुसलमानों में किसी भी तरह एकता पैदा न होने पाए। यह साम्राज्यवादी ताक़तें, मुसलमानों की एकता को ख़त्म करने की पूरी कोशिश कर रही हैं। मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि रसूले इस्लाम (स) ने कहा है कि मज़लूम का साथ दो चाहे वह अजनबी ही क्यों न हो और ज़ालिम के ख़िलाफ़ ख़ड़े हो जाओ चाहे वह तुम्हारा क़रीबी रिश्तेदार ही क्यों न हो। मुज़ाहिरा करने वालों ने फिलिस्तीनियों के समर्थन में नारे लगाये और अमरीका व इस्राईल के ज़ुल्म के ख़िलाफ़ इन दोनों देशों के राष्ट्र झण्डों को जलाया। मुज़ाहिरे में मौलाना तसनीम मेहदी ज़ैदपुरी, मौलाना अमीर हैदर, मौलाना फ़राज़ नक़वी, मौलाना हबीब हैदर, मौलाना अली अब्बास ख़ान, मौलाना शबाहत हुसैन, मौलाना रज़ा हुसैन मौलाना ज़व्वार हुसैन, मौलाना फ़ीरोज़ हुसैन, मौलाना शबाब हैदर और दूसरे कई मुस्लिम आलिम मौजूद थे। मुज़ाहिरे के बाद भारत के प्रधानमंत्री के नाम मेमू दिया गया। मेमू के अहम नुकात इस तरह हैं। फ़िलिस्तीन की जनता को न्याय दिलवाया जाए, सरकारी पैमाने पर फ़िलिस्तीनी अवाम की आर्थिक मदद की जाए, भारत सरकार यमन में जंग रोकने के लिए सही क़दम उठाए, केन्द्र सरकार कुवैत में आतंकवादी हमले में शहीद हुए युवाओं के परिवार की आर्थिक सहातया करे। भारत सरकार इस्राईल से संबंधित अपनी विदेश नीति पर दोबारा सोच विचार करे। मज्लिसे ओलमाए हिंद ने तकफ़ीरी आतंकवादियों की कार्यवाहियों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
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 तेहरान रेडियो


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