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Code : 80522
Date of publication : 10/8/2015 19:52
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यमन, अंसारुल्लाह ने अपनी शर्तें रखीं

यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने कहा है कि वह सितंबर 2014 के शांति समझौते के तहत अपने कंट्रोल वाले इलाक़ों से पीछे हटने के लिए तय्यार है।

विलायत पोर्टलः यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने कहा है कि वह सितंबर 2014 के शांति समझौते के तहत अपने कंट्रोल वाले इलाक़ों से पीछे हटने के लिए तय्यार है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन की राजनैतिक परिषद के सदस्य मोहम्मद अलबुख़ैती ने सितंबर 2014 के शांति समझौते के तहत पीछे हटने के साथ ही सभी सरकारी संस्थाओं में अपनी भागीदारी पर ज़ोर दिया है। उन्होंने यमन के फ़रारी पूर्व राष्ट्रपति अब्द रब्बोह मंसूर हादी की सरकार के अमरीका और सऊदी अरब के दबाव में आने पर खेद जताया। मोहम्मद अलबुख़ैती ने कहा कि यमन के संकट के हल के लिए ज़रूरी है कि इस देश में आम चुनाव हों और सभी दलों की भागीदारी से सरकार का गठन हो। इसी के साथ यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि यमन के सभी गुटों के हथियार रखने की हालत में वह भी हथियार रखने के लिए तय्यार है। यमन में झड़प और अंसारुल्लाह आंदोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी केन्द्रों पर कंट्रोल के बाद सितंबर 2014 में शांति समझौता हुआ था। यमन में संघर्ष विराम लागू होना, नई सरकार का गठन, ईंधन की क़ीमत में कमी और राजधानी सनआ में धरना प्रदर्शन का ख़त्म होना इस समझौते के अनुच्छेद में शामिल हैं।
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तेहरान रेडियो


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